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दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से राहत नहीं, कोहरे में छिपा राजधानी…. AQI 490 के पार

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR (Delhi-NCR) में रविवार सुबह भी लोगों को जहरीली हवा (Toxic air) से राहत नहीं मिली. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board- CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 6 बजे कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index- AQI) 490 के पार दर्ज किया गया, जिससे पूरी राजधानी ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता की चपेट में है. इनके अलावा राजधानी के कई इलाके में घना कोहरा है. विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम आंकी गई है. वहीं नोएडा में कमोबेश हालात यही हैं।


आनंद विहार (491), अशोक विहार (493), बावाना (498), रोहिणी (499), विवेक विहार (495) और वजीरपुर (493) जैसे इलाकों में हालात बेहद खराब बने हुए हैं. ITO में AQI 485, IGI एयरपोर्ट पर 416 और लोधी रोड पर 400 दर्ज किया गया. विशेषज्ञों के मुताबिक यह इस साल दिल्ली में चौथा मौका है जब AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा है।


प्रदूषण में अचानक आई इस तेज बढ़ोतरी के पीछे मौसम की भूमिका अहम मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की रफ्तार बेहद कम हो गई है, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं. यही वजह है कि शनिवार को हालात तेजी से बिगड़े और जहरीली धुंध ने एक बार फिर राजधानी को ढक लिया.


कोहरे में छिपी दिल्ली
दिल्ली में आज अब तक इस साल का सबसे घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रही है. हालात ऐसे रहे कि अक्षरधाम मंदिर तक नजरों से ओझल हो गया और कई इलाकों में सड़कों पर कुछ मीटर से ज्यादा विजिबिलिटी नहीं रही. अक्षरधाम के आसपास तो 50 मीटर आगे देख पाना भी मुश्किल हो गया.


घने कोहरे के कारण हवा में प्रदूषण और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. पूरे दिल्ली-एनसीआर में कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है, हालांकि नोएडा और गाजियाबाद की तुलना में दिल्ली में कोहरा ज्यादा घना नजर आया.


दिल्ली में GRAP-IV लागू
स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-IV लागू कर दिया. इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टर और टाइल या फ्लोरिंग से जुड़े सभी काम बंद कर दिए गए हैं.


प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए प्रतिबंध लागू
इसके अलावा रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. कच्ची सड़कों पर सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश जैसे निर्माण सामग्री के परिवहन पर रोक लगा दी गई है ताकि धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके.


स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से हवा की गति में थोड़ा सुधार होने की संभावना है, जिससे प्रदूषण में मामूली राहत मिल सकती है, हालांकि फिलहाल हालात चिंताजनक बने हुए हैं.


नोएडा में भी हालात गंभीर
आज नोएडा की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई. शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “खतरनाक” श्रेणी में दर्ज किया गया, जो 772 तक पहुंच गया. हवा में बेहद सूक्ष्म प्रदूषक कणों की मात्रा बहुत ज्यादा रही, जहां PM2.5 का स्तर 462 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 649 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है.


कई इलाकों में हालात और भी खराब रहे, जिसमें पार्क्स लॉरेट में AQI 963 तक पहुंच गया, जबकि मगुन मॉडर्न और नगली बहारपुर में AQI 700 के पार दर्ज किया गया. घना कोहरा, करीब 94 प्रतिशत नमी और कम हवा की रफ्तार ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया. यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई है.

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