Tuesday, March 10खबर जो असर करे |
Shadow

MP: गांजे की तस्करी कर रहा था मंत्री प्रतिमा बागरी का भाई, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सतना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। प्रदेश सरकार में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Minister Pratima Bagri) के सगे भाई अनिल बागरी (Real brother Anil Bagri) को पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में पुलिस ने 46 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि मंत्री का भाई अपने जीजा के साथ मिलकर नशे का यह काला कारोबार चला रहा था।


एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के मरौहा गांव में अवैध मादक पदार्थों का भंडारण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर 7-8 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस ने मरौहा निवासी पंकज सिंह के घर पर दबिश दी।


पुलिस ने जब घर के बाहर टीन शेड में रखी धान की बोरियों को हटाया तो उसके नीचे 4 संदिग्ध बोरियां मिलीं। तलाशी लेने पर उनमें से गांजे के 48 पैकेट बरामद हुए। तौलने पर कुल वजन 46 किलो 134 ग्राम निकला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 9 लाख 22 हजार रुपये आंकी गई है।


बहनोई के बाद भाई गिरफ्तार
मौके से गिरफ्तार आरोपी पंकज सिंह से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। उसने बताया कि यह गांजा मंत्री के भाई अनिल बागरी और उसके जीजा शैलेंद्र सिंह (निवासी विराट नगर) का है। इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने सोमवार को अनिल बागरी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि अनिल बागरी अपने जीजा शैलेंद्र सिंह के साथ मिलकर तस्करी करता था। गिरोह का मास्टरमाइंड शैलेंद्र सिंह है, जिसे यूपी की बांदा पुलिस ने 3 दिसंबर को ही गांजा तस्करी में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल बांदा जेल में बंद है।


जेल भेजे गए गांजा तस्करी के आरोपी
सोमवार को पुलिस ने आरोपी अनिल बागरी और पंकज सिंह को एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत में न्यायाधीश शशिकांत वर्मा के समक्ष पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को 19 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों (अनिल, पंकज और शैलेंद्र) के खिलाफ बीएनएस की धारा 8/20 एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।


जीजा का रहा है पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड
इस केस में आरोपी बनाया गया राज्यमंत्री का बहनोई शैलेंद्र सिंह नशे के कारोबार का पुराना खिलाड़ी है। इससे पहले सतना की सिंहपुर पुलिस ने उसे नशीली कफ सिरप की तस्करी में भी दबोचा था। उस दौरान उसके नेटवर्क से लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ था। अब साले की गिरफ्तारी ने इस परिवार के नशा कनेक्शन की पोल खोलकर रख दी है।


पूर्व विधायक ने साधा निशाना
रैगांव की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने मंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार नशा विरोधी अभियान चलाकर वाहवाही लूट रही है। वहीं दूसरी तरफ मंत्री के संरक्षण में उनके सगे-संबंधी खुलेआम शराब, गांजा और नशीली सिरप की तस्करी कर रहे हैं।


पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मंत्री के बहनोई पर पहले भी सिंहपुर थाने में एनडीपीएस का केस दर्ज हुआ था, जिसमें 5 करोड़ के ट्रांजेक्शन और 35 लाख की सिरप का खुलासा हुआ था। अब यूपी पुलिस ने भी इनके रिश्तेदारों को पकड़ा है। कल्पना वर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और इस सिंडिकेट को तत्काल बंद कराया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *