मॉस्को। यूक्रेन जंग को लेकर जारी नए शांति प्रस्ताव पर मचे उठापटक के बीच हाल ही में अमेरिका और रूस के बीच फोन पर हुई एक अहम बातचीत का हिस्सा लीक हो गया है। फोन कॉल का एक हिस्सा सार्वजनिक होने के बाद रूस आगबबूला हो गया है। रूस ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकारों के बीच हुई इस फोन कॉल की रिकॉर्डिंग के लीक होने की जमकर आलोचना की है। पुतिन के देश ने इसे यूक्रेन शांति प्रस्ताव चर्चा को कमजोर करने की एक नामंजूर कोशिश बताया और हाइब्रिड वॉरफेयर का हिस्सा बताया।
बता दें कि ब्लूमबर्ग न्यूज द्वारा पब्लिश की गई इस ट्रांसक्रिप्ट में ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और पुतिन के विदेश नीति के सलाहकार यूरी उशाकोव के बीच हुई फोन कॉल की रिकॉर्डिंग सुनाई दे रही है। 14 अक्टूबर की बातचीत में विटकॉफ कथित तौर पर उशाकोव को सलाह दे रहे थे कि ट्रंप के सामने नए शांति प्रस्ताव को कैसे पेश किया जाए, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति राजी हो जाए। ब्लूमबर्ग ने रिकॉर्डिंग की पुष्टि की है। हालांकि पब्लिशर ने यह नहीं बताया है कि उसे दुनिया की दो सबसे बड़ी न्यूक्लियर पावर के अधिकारियों के बीच इतनी सेंसिटिव चर्चा का एक्सेस कैसे मिला।
आग बबूला हुआ रूस
रिकॉर्डिंग बाहर आने के बाद उशाकोव ने कहा कि विटकॉफ के साथ उनकी बातचीत पब्लिक रिलीज के लिए नहीं थी और इसे लीक नहीं किया जाना चाहिए था। उशाकोव के रूसी मीडिया के सामने कहा, “यह किसी भी हाल ही में स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने कहा है कि लीक का मकसद साफ तौर पर रूस और अमेरिका के बीच बातचीत में रुकावट डालना था। एक इंटरव्यू में उशाकोव ने कहा कि उनकी कुछ बातचीत एन्क्रिप्टेड सरकारी चैनलों के जरिए हुई थी जिन्हें शायद ही कभी इंटरसेप्ट और लीक किया जाता है, जब तक कि कोई पार्टी जानबूझकर ऐसा करने का इरादा न रखे।
