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MP: ग्वालियर के घाटीगांव में शराब फैक्ट्री का फंडाफोड़, हजारों लीटर नकली शराब के साथ 5 दबोचे

ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर जिले (Gwalior district) के घाटीगांव क्षेत्र (Ghatigaon area) में आबकारी विभाग ने हाईवे किनारे स्थित दो मंजिला फार्म हाउस में चल रही नकली देशी-विदेशी शराब की फैक्ट्री (Fake Indian and foreign liquor factory) का भंडाफोड़ किया है। आबकारी विभाग और पुलिल की संयुक्त टीम ने दबिश देकर यहां से लगभग 4 करोड़ रुपये की नकली शराब और 1 करोड़ की मशीनें व सामग्री जब्त की है। इसके साथ ही एक महिला सहित पांच आरोपी पकड़े गए हैं। इनमें हरियाणा के तस्कर भी शामिल हैं। यह फार्म हाउस ग्वालियर के पुराने कांग्रेस नेता सुरेंद्र तोमर का बताया जा रहा है, जिन्होंने बाद में बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ा था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री किराये पर लेकर चलाई जा रही थी।


कौन-कौन गिरफ्तार
एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में सुनीता जाट, मोहित उर्फ मोनू तोमर, सुमित जाट, प्रीतम जाट और दीपक जाट शामिल हैं। फैक्ट्री से 25 हजार लीटर कच्ची शराब, 429 पेटियां रेडी ब्रांड की शराब, 7 लाख रुपए नकद और यूपी नंबर की लोडिंग गाड़ी जब्त की गई है। बताया गया है कि यहां बनने वाली शराब की सप्लाई हरियाणा में की जाती थी।


एएसपी ने बताया फार्म हाउस में पुलिस को जो दस्तावेज मिले हैं उनमें 16 अगस्त 2025 से हिसाब मिला है। यह एग्रीमेंट मोहित तोमर, सुरेंद्र तोमर व अमित कुमार के बीच है।इन दस्तावेज में 16 अगस्त से हिसाब मिला है। फैक्ट्री में पकड़ी महिला सुनीता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे डेढ़ माह पहले ही खाना बनाने के लिए लाए थे।


यह फार्म हाउस सुरेंद्र तोमर का है। उनके संबंध प्रदेश के सभी प्रमुख दलों से हैं। पहले वह बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़े फिर कांग्रेस में चले गए और अब खुद को भाजपा नेता बताते हैं। उन्होंने अपना रसूख दिखाने के लिए फेसबुक आईडी पर विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जहां नकली शराब पकड़ी गई वहां दीवार पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो लगा रखा था।


घाटीगांव हाईवे पर आबकारी विभाग की कार्रवाई में पकड़ी गई अवैध शराब की यह फैक्ट्री बड़े स्तर पर चल रही थी। इस क्षेत्र में आबकारी की टीम पहले भी कंजरों के डेरे पर लगातार कार्रवाई करती रही है, लेकिन यह फैक्ट्री अब तक आबकारी व पुलिस की निगाह में क्यों नहीं आई यह जांच का विषय है।

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