वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच सैन्य संघर्ष को शांत करने में टैरिफ (Tariff) धमकी को असली शांतिदूत बताया है। मध्य पूर्व की यात्रा पर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने 8 युद्धों को सुलझाने का दावा किया। ट्रंप ने कहा, ‘मैंने कुछ युद्धों को सिर्फ टैरिफ के आधार पर सुलझा लिया। उदाहरण के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच। मैंने कहा कि अगर आप लोग युद्ध लड़ना चाहते हो और आपके पास परमाणु हथियार हैं, तो मैं दोनों पर भारी टैरिफ लगाऊंगा। यह 100 प्रतिशत, 150 प्रतिशत और 200 प्रतिशत भी हो सकता है।’ उन्होंने दावा किया कि उनकी टैरिफ धमकी ने इस मुद्दे को महज 24 घंटों में सुलझा दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे बताया, ‘मैंने कहा कि मैं टैरिफ लगा रहा हूं और उस चीज को 24 घंटों में सुलझा लिया गया। अगर हमारे पास टैरिफ न होते तो कभी उस युद्ध को सुलझा ही नहीं पाते।’ उनका यह बयान वैश्विक कूटनीति में आर्थिक दबाव के इस्तेमाल को दर्शाता है। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव सुलझाने में अमेरिकी मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। बीते 10 मई को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।
युद्ध रोकने पर भारत का क्या है पक्ष
राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार यह दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाने में मदद की। हालांकि, भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति दोनों सेनाओं के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद बनी थी। भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को संघर्ष समाप्त करने पर सहमति बनी थी।
