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भारत से रिश्ते पटरी पर लाने की कोशिश, लेकिन पाकिस्तान को भी कनाडा का बड़ा पैकेज; जानिए क्या है रणनीति

नई दिल्ली। भारत के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे कनाडा ने इसी बीच पाकिस्तान के लिए 4.7 करोड़ डॉलर (47 मिलियन डॉलर) से अधिक की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। कनाडा का कहना है कि यह सहायता विकास परियोजनाओं और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए दी जाएगी।

पाकिस्तान दौरे पर विदेश मंत्री ने किया ऐलान

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने पाकिस्तान यात्रा के दौरान इस आर्थिक सहायता की घोषणा की। ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के अनुसार, इस पैकेज में 2.2 मिलियन डॉलर से अधिक की नई फंडिंग पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने के लिए दी जाएगी। यह राशि इंटरपोल, संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय (UNODC) और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के सहयोग से संचालित परियोजनाओं पर खर्च होगी।

इसके अलावा कनाडा समर्थित तीन विकास परियोजनाओं के लिए लगभग 45 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने का भी ऐलान किया गया है।

सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठा

कनाडाई विदेश मंत्री की मौजूदगी में पाकिस्तान ने भारत के साथ सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि उनका देश कनाडा सहित मित्र देशों से समर्थन चाहता है ताकि भारत के साथ सिंधु जल संधि को फिर से लागू कराया जा सके। उन्होंने भारत पर पानी को “हथियार” के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की मांग की।

ट्रूडो काल में बिगड़े थे भारत-कनाडा संबंध

भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव उस समय बढ़ गया था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत की संभावित भूमिका का सार्वजनिक तौर पर उल्लेख किया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कनाडा पर खालिस्तान समर्थक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

जांच में भारत की भूमिका के सबूत नहीं

बाद में कनाडा की जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारतीय अधिकारियों की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला है। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की उपायुक्त लिसा मोरलैंड ने कहा कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया, जिससे भारतीय अधिकारियों की भूमिका साबित होती हो। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने जांच में सहयोग किया।

मार्क कार्नी के बाद बदला माहौल

मार्क कार्नी के कनाडा का प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की कोशिशें तेज हुई हैं। माना जा रहा है कि कनाडा अपनी विदेश नीति और व्यापारिक साझेदारियों में विविधता लाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को भी नई गति मिली है।

फरवरी में कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। साथ ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई थी।

जी7 सम्मेलन में भी हुई थी मुलाकात

जून में फ्रांस के एवियॉन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कम समय में दोनों नेताओं की यह चौथी मुलाकात है, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी।

कनाडा की ओर से पाकिस्तान को घोषित नई आर्थिक सहायता और समानांतर रूप से भारत के साथ संबंध सुधारने की पहल यह संकेत देती है कि ओटावा दक्षिण एशिया में दोनों देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर अपने हितों को संतुलित करने की नीति पर आगे बढ़ रहा है।.

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