गाजा पट्टी, 11 अक्टूबर।
करीब दो वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार गाजा में शांति की बहार लौट आई है। शुक्रवार सुबह 5 बजे (पूर्वी मानक समय) से इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम का पहला चरण प्रभावी हो गया। यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में मिस्र के शर्म अल-शेख में हुई परोक्ष वार्ता के बाद संभव हुआ है।
युद्धविराम समझौते की प्रमुख शर्तें
समझौते के तहत हमास को 48 बंधकों की रिहाई करनी होगी, जिनमें से 20 के जीवित होने की संभावना जताई गई है। यह रिहाई सोमवार सुबह 5 बजे (EST) तक पूरी करनी होगी। बदले में इजराइल ने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी है। पहले चरण में गाजा के कई प्रमुख इलाकों से इजराइली सैनिक पीछे हटे हैं और विस्थापित गाजावासी अपने घरों को लौटने लगे हैं।

गाजा में राहत और उम्मीद का माहौल
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम लागू होते ही हजारों फिलिस्तीनी उत्तर गाजा में अपने घरों की ओर लौटे। लंबे समय बाद सड़कों पर बच्चों की आवाजें और परिवारों की वापसी की झलक देखने को मिली।
इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने संयुक्त राष्ट्र में बयान दिया,
“पहले चरण में बंधकों और कैदियों की रिहाई सबसे सरल हिस्सा है — क्योंकि दोनों पक्षों को पता है कि वे क्या दे रहे हैं और क्या ले रहे हैं। असली चुनौती दूसरे चरण की शर्तों को लागू करना होगी।”
डैनन ने बताया कि दूसरे चरण में गाजा का आंशिक विसैन्यीकरण शामिल है, जिस पर दोनों पक्ष विचार कर रहे हैं।
अमेरिका की सक्रिय भूमिका
अमेरिकी सैनिक भी अब इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए इजराइल पहुंचने लगे हैं। अब तक 200 सैनिक एक समन्वय केंद्र स्थापित करने के लिए तैनात किए जा चुके हैं। अमेरिकी रक्षा सूत्रों के मुताबिक, ये सैनिक युद्धविराम की निगरानी, रसद, इंजीनियरिंग और सुरक्षा संचालन में सहायता करेंगे।
मानवीय राहत कार्य तेज़ी से शुरू
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के सैकड़ों ट्रक, जिनमें चिकित्सा आपूर्ति और अस्पताल उपकरण लदे हैं, गाजा में प्रवेश के लिए तैयार हैं। राहत एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि आने वाले 48 घंटों में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और भोजन वितरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
ट्रंप की मध्यस्थता से बनी ऐतिहासिक सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की थी कि मिस्र में हुई वार्ता के बाद इजराइल और हमास ने गाजा शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर किए हैं। गुरुवार को इजराइली सरकार ने औपचारिक पुष्टि करते हुए कहा कि “यह समझौता स्थायी शांति की दिशा में पहला ठोस कदम है।”
स्थिति नियंत्रण में, निगरानी जारी
राजदूत डैनन के अनुसार, “इजराइली सैनिक अभी भी सीमाओं के आसपास निगरानी रखेंगे ताकि युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन न हो।” उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में किसी भी तरह की उकसाने वाली कार्रवाई पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी।
संक्षेप में:
- गाजा में दो साल बाद युद्धविराम प्रभावी
- 48 बंधकों की रिहाई की शर्त
- इजराइली सैनिकों की वापसी शुरू
- अमेरिकी सैनिकों की निगरानी टीम तैनात
- गाजावासियों की घर वापसी और राहत कार्य शुरू
इस ऐतिहासिक युद्धविराम के साथ गाजा पट्टी में शांति की नई उम्मीद जगी है — एक ऐसी उम्मीद जो लंबे समय से संघर्ष की आग में झुलस रहे नागरिकों के लिए नई शुरुआत साबित हो सकती है।
