मुंबई, 10 अक्टूबर।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने आज अपना 83वां जन्मदिन मनाया, और हर साल की तरह इस बार भी उनके बंगले ‘जलसा’ के बाहर फैंस का जनसैलाब उमड़ पड़ा। घड़ी ने जैसे ही रात के बारह बजाए, मुंबई की सड़कों पर “हैप्पी बर्थडे अमिताभ बच्चन” के नारों की गूंज छा गई।

हजारों की तादाद में जुटे फैंस अपने चहेते सितारे की एक झलक पाने के लिए देर रात तक ‘जलसा’ के बाहर खड़े रहे। किसी के हाथों में पोस्टर थे, कोई ‘खईके पान बनारसवाला’, ‘जुम्मा चुम्मा दे दे’ और ‘डॉन’ जैसे सुपरहिट गानों पर थिरकता नजर आया। मुंबई की सड़कों पर लगे बड़े-बड़े कटआउट्स और बैनर्स ने माहौल को एक मिनी फेस्टिवल का रूप दे दिया।
बिग बी के दर्शन के लिए रातभर इंतज़ार
जैसे ही अमिताभ बच्चन रात में घर से बाहर आए, फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने हाथ जोड़कर आशीर्वाद दिया और मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन किया। सोशल मीडिया पर उनके घर के बाहर के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें फैंस नाचते, गाते और नारे लगाते दिख रहे हैं — “हमारे शहंशाह को लंबी उम्र मिले।”

फैंस का प्यार भी कुछ कम नहीं — कोई हवन कर रहा है, कोई व्रत रखकर उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहा है। कई फैन क्लबों ने पूजा-अर्चना कराई, ठीक वैसे ही जैसे 1982 में ‘कुली’ फिल्म के दौरान हुई दुर्घटना के समय पूरा देश उनके स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना में जुट गया था।
संघर्ष से सफलता तक – एक प्रेरणादायक सफर
अमिताभ बच्चन ने 27 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखा और ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’ और ‘कालापत्थर’ जैसी फिल्मों से ‘एंग्री यंग मैन’ का दौर शुरू किया। 90 के दशक में जब उनकी कंपनी ABCL वित्तीय संकट में फंस गई, तब उन्होंने छोटे पर्दे पर ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से जबरदस्त वापसी की — जिसने उनके करियर को नया मोड़ दिया।

इसके बाद ‘ब्लैक’, ‘पा’, ‘पीकू’, ‘102 नॉट आउट’ और ‘उचाई’ जैसी फिल्मों से उन्होंने साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। आज भी 83 की उम्र में वे फिल्मों, टीवी और विज्ञापनों में सक्रिय हैं।
आने वाले महीनों में वे ‘कालियां’, ‘हाईवे मैन’ और ‘तलवार 2’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था —
“मैं आज भी हर सुबह सेट पर उसी जुनून के साथ जाता हूं, जो पहली फिल्म के वक्त था। दर्शकों का प्यार ही मेरी असली ऊर्जा है।”
निष्कर्ष:
83 साल की उम्र में भी अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक भावना हैं। ‘जलसा’ के बाहर उमड़ने वाला जनसैलाब इस बात का सबूत है कि भारत के लोगों के दिलों में बिग बी आज भी वही स्थान रखते हैं — जो उन्हें “सदी का महानायक” बनाता है।
