नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के बीच सियासी गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले हैं। लोकसभा के आठ निलंबित विपक्षी सांसदों का निलंबन मंगलवार को वापस लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है।
सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति बताया जा रहा है कि ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई, जिसमें निलंबन खत्म करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में यह भी तय हुआ कि भविष्य में सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी दल जिम्मेदारी से व्यवहार करेंगे। सदन के आचरण को लेकर भी तय हुए नियम दोनों पक्षों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि— कोई भी सदस्य नारेबाजी करते हुए दूसरे पक्ष की सीटों तक नहीं जाएगा सदन में कागज फाड़कर नहीं फेंके जाएंगे अधिकारियों की मेजों पर चढ़ने जैसी घटनाएं नहीं होंगी कांग्रेस ने उठाया था मुद्दा सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए स्पीकर से निलंबन रद्द करने की मांग की थी।
विपक्षी दल पिछले सप्ताह से ही इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे। क्यों हुआ था निलंबन? बजट सत्र के पहले चरण में 3 फरवरी को सदन में हंगामे के दौरान आसन की ओर कागज फेंकने और अवमानना के आरोप में आठ सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। इन सांसदों में मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन शामिल हैं। धरने पर बैठे थे सांसद निलंबन के बाद से ये सभी सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे और कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे थे। अगर मंगलवार को औपचारिक घोषणा होती है, तो इससे संसद के कामकाज में जारी गतिरोध खत्म होने और बजट सत्र के सुचारु संचालन की राह साफ हो सकती है।
