
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर।
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक रिश्तों में आई ठंडक के बाद अब एक बार फिर से गर्माहट लौटती दिख रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उनके कनाडाई समकक्ष मनिंदर सिद्धू के बीच शनिवार को हुई बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने और नए व्यापारिक अवसरों की खोज पर व्यापक चर्चा की।
बैठक के बाद पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कनाडाई समकक्ष मनिंदर सिद्धू के साथ एक सार्थक चर्चा हुई। हमने अपने व्यवसायों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी अवसरों की तलाश के तरीकों पर विचार किया, ताकि दोनों अर्थव्यवस्थाओं की पूरकताओं का लाभ उठाया जा सके।”
गोयल ने आगे कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक और निवेश संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर अब तक छह से अधिक दौर की बातचीत हो चुकी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की उम्मीद है।
दूसरी ओर, कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के साथ दोनों देशों के आर्थिक जुड़ाव को गहरा करने और संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। सिद्धू ने बताया कि भारत और कनाडा अब स्वच्छ प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कृषि, महत्वपूर्ण खनिज और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में नए व्यापार अवसरों की खोज कर रहे हैं।
इस पोस्ट के जवाब में गोयल ने लिखा, “कनाडाई समकक्ष मनिंदर सिद्धू के साथ एक उपयोगी चर्चा हुई।”
पृष्ठभूमि
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए मार्च 2022 में एक अंतरिम व्यापार समझौते (Early Progress Trade Agreement – EPTA) पर बातचीत दोबारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य व्यापारिक अवरोधों को कम करना और दोनों देशों के बीच निवेश के अवसरों को बढ़ाना था।
हालांकि, 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। भारत ने इन आरोपों को “बेतुका और अस्वीकार्य” बताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी थी।
अब एक साल बाद, दोनों देशों के बीच हुई यह उच्चस्तरीय बातचीत संकेत देती है कि भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत की संभावनाएं फिर से बन रही हैं।
भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संवाद आगे भी इसी तरह जारी रहा तो भारत और कनाडा न केवल व्यापार के क्षेत्र में बल्कि तकनीकी नवाचार, हरित ऊर्जा और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर सहयोग कर सकते हैं।
यह बैठक दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है — जो आगे चलकर भारत-कनाडा संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की क्षमता रखती है।
