मुरैना। महिलाओं के उत्थान व विकास के लिये केन्द्र व प्रदेश की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने घर में ही आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुरैना जिले में लगातार मिशन गतिविधियों के तहत निर्मित किये जा रहे समूह से महिलाऐं जुड़ रहीं हैं। इसका परिणाम आज आजीविका मिशन द्वारा आयोजित आजीविका मेले में दिखाई दे रहा है। होली के रंग आजीविका के संग आयोजित मेले में चम्बल संभाग के चयनित स्व-सहायता समूह सदस्यों द्वारा 1,56,750 रुपये की राशि से अधिक खाद्य पदार्थ, रंग गुलाल व अन्य सामग्री का विक्रय किया गया। उक्त उद्गार जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर ने व्यक्त किये। श्रीमती गुर्जर आजीविका होली मेला समापन समारोह के मुख्य अतिथि की आसंदी से समूह सदस्य एवं उपस्थित महिलाओं को सम्बोधित कर रहीं थीं। यह मेला मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला पंचायत मुरैना के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन देने एवं उनके उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिये था । इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव, पुरातत्व विभाग के अशोक शर्मा तथा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मेले में स्व-सहायता समूहों की दीदियों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही, जिसने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव ने बताया कि आजीविका मिशन ने ग्रामीण महिलाओं की दशा व दिशा बदल दी है। जिले में गठित 8815 स्व-सहायता समूह से 1 लाख 3 हजार से अधिक महिलाऐं जुड़ गई हैं। इन महिलाओं की गतिविधि व आत्मनिर्भरता को देखते हुये अन्य महिलाऐं भी प्रेरित हो रहीं हैं। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश सिंह तोमर ने बताया कि मिशन के उद्देश्य धीमी लेकिन मजबूत गति से पूर्ण हो रहे हैं। जिले में 20 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की सदस्य महिला प्रतिमाह 10 हजार रूपये से अधिक की आय कर रहीं हैं। वहीं अधिकांश समूह सदस्य 5 हजार रूपये से अधिक की आय प्रतिमाह कर अपने जीवन स्तर को विकसित करने के प्रयास में जुटी हुई हैं। समापन समारोह के अवसर पर आजीविका मिशन एवं जिला पंचायत के योजना प्रबंधकगण द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर अपनी स्टॉल पर अधिक बिक्री करने वाले समूह सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
