एआई में नवाचार से नेतृत्व की ओर बढ़ता भारत
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)।
लेखक: LN Star News
वर्ष 2026 के आरंभ में भारत एक ऐसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश की तकनीकी दिशा तय करने वाला प्रमुख आधार बन रही है। यह परिवर्तन किसी एक नीति, संस्था या कंपनी का परिणाम नहीं है। यह भारत की सामूहिक बौद्धिक शक्ति, युवाओं की उद्यमशील सोच और एक स्पष्ट राष्ट्रीय दृष्टि का परिणाम है। जिस वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में भारत कुछ वर्ष पहले तक दर्शक की भूमिका में माना जाता था, उसी मंच पर आज वह अग्रणी दावेदार के रूप में उभर रहा है।
वस्तुत: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी रिपोर्ट में भारत का सातवें स्थान से सीधे तीसरे स्थान पर पहुँचना इस बदलाव का ठोस प्रमाण है। अमेरिका और चीन के बाद भारत का नाम आना यह दर्शाता है कि भारतीय प्रतिभा, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी सोच अब वैश्विक स्तर पर गंभीरता से ली जा र...
