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सहजन के फूलों में नवजीवन का उजास

सहजन के फूलों में नवजीवन का उजास

लेख
By: परिचय दास सहजन के फूलों में नवजीवन का उजास परिचय दास वसंत की प्रथम आहट के साथ ही सहजन के पेड़ ने अपनी शाखाओं को नवजीवन के उजास से भर लिया। हल्की ठंडी हवा, धूप की धीमी परछाइयां और कोयल की आवाज के बीच सहजन के फूल अपनी नाज़ुक पंखुड़ियों को खोलने लगे। इन फूलों में एक अलौकिक सादगी थी, जैसे किसी गजल का पहला मिसरा-अनायास, लेकिन भीतर तक स्पंदित कर देने वाला। इन छोटे-छोटे सफेद फूलों की सुगंध में स्मृतियों का एक संसार बसता था। गांव की वह पगडंडी, जहां दुपहरिया की उनींदी हवा में सहजन की डालियां झूलती थीं। उनकी छांव में खेलते बच्चे, दोपहर की थकान से आंखें मूंदकर सुस्ताते किसान और किसी कोने में बैठी कोई स्त्री, जो फूलों को बटोर कर उनकी सब्ज़ी बनाने की सोच रही थी। सहजन का फूल केवल फूल नहीं था, यह किसी विरासत की तरह अगली पीढ़ी को सौंपा जाने वाला एक गीत था-मौन में गाया हुआ लेकिन दिल की गहराइयो...
अंबिकापुर: ज्ञान, राष्ट्रप्रेम और कर्मयोग के प्रतीक स्वामी विवेकानन्द को राष्ट्रीय युवा दिवस पर किया गया स्मरण

अंबिकापुर: ज्ञान, राष्ट्रप्रेम और कर्मयोग के प्रतीक स्वामी विवेकानन्द को राष्ट्रीय युवा दिवस पर किया गया स्मरण

छत्तीसगढ़, राज्य
अंबिकापुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानन्द की 163वीं जयंती पर श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानन्द की जीवन यात्रा और उनके विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का जीवन भारतीय ज्ञान, आध्यात्म और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप जलाकर किया गया। इसके बाद स्वयंसेवकों ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रेरणागीत प्रस्तुत किया। स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं और उनके जीवन में विभिन्न व्यक्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में एनईपी के नोडल ...