Friday, September 4खबर जो असर करे |
Shadow

चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर बड़े किसान आंदोलन की तैयारी… महिलाएं भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ हो रही शामिल

चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) का चंडीगढ़-मोहाली सीमा (Chandigarh-Mohali border) पर सात दिवसीय पक्का मोर्चा (Solid Front) जारी है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के विभिन्न गांवों से किसान और महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोर्चा स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने पानी संकट, कृषि मांगों, गन्ना मूल्य और लैंड पूलिंग नीति को लेकर सरकारों पर हमला बोला।


मोर्चे में पंजाबी गायक भी समर्थन देने आए। बृहस्पतिवार को किसानों ने बैठक कर मोर्चे को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की और नारेबाजी भी की। मोर्चे की अध्यक्षता कर रहे मनजीत सिंह धनेर (Manjit Singh Dhaner) और बलबीर सिंह राजेवाल (Balbir Singh Rajewal) ने पंजाब में गहराते जल संकट को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि भूजल और नदियों के प्रदूषण से खेती, पशुधन व आम लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। किसान नेता हरिंदर सिंह लख्खोवाल ने कहा, यदि सरकारें बातचीत के लिए आगे नहीं बढ़ीं, तो किसान देशभर में आंदोलन करेंगे।


राजेवाल कहेंगे एक साल यहीं रुको तो डेरा डाल देंगे
रात के करीब तीन बज रहे हैं। हल्की बारिश के बाद मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर ठंडी हवा चल रही है। सड़क किनारे कतार में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अधिकांश किसान नींद ले रहे हैं जबकि कुछ जागकर साथियों और सामान की पहरेदारी कर रहे हैं। कहीं धीमी आवाज में आगे की रणनीति पर चर्चा चल रही है तो कुछ लोग सुबह शुरू होने वाले लंगर की तैयारी में जुटे हैं। पक्के मोर्चे के बीच आधी रात के बाद का यह दृश्य बता रहा है कि किसान केवल सात दिन के प्रदर्शन के लिए नहीं, जरूरत पड़ी तो लंबी लड़ाई के लिए भी तैयारी करके आए हैं।


माछीवाड़ा से आए किसान हरवंत सिंह ने कहा कि हम राजेवाल की सुनेंगे। वह कहेंगे कि सात सितंबर को वापस घर चलो तो चले जाएंगे। अगर कहेंगे कि छह महीने या एक साल यहीं रुकना है तो हम यहीं डेरा डाल देंगे। हरवंत सिंह जथेदार राजा बलवीर सिंह के नेतृत्व में 32 ट्रॉलियों के साथ मोर्चे में पहुंचे हैं। उनका कहना है कि जब तक किसान नेतृत्व वापस जाने का फैसला नहीं करता, वे धरनास्थल से नहीं हटेंगे।

एक सितंबर से शुरू हुए मोर्चे में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से किसानों के पहुंचने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। पहले दिन करीब एक हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने का दावा किया गया था। दूसरे दिन यह संख्या बढ़कर तीन हजार से अधिक होने की बात किसान संगठनों ने कही। आंदोलन में करीब 32 किसान जत्थेबंदियां शामिल हैं।


आगामी रणनीति व मांगें
किसान नेताओं ने शुक्रवार को मोर्चे की अहम बैठक बुलाई है जिसमें अगले संघर्ष का एलान किया जाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। किसानों ने पानी के पुराने समझौते और लैंड पूलिंग नीति रद्द करने की भी मांग की है। बासमती, मूंग, मक्का, आलू, मटर और गोभी जैसी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी देने की भी मांग की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *