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इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- ‘हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे

इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- ‘हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे

अंतरराष्ट्रीय
तेल अवीव। इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Israeli Foreign Minister Gideon Saar) ने कहा कि यरूशलम और नई दिल्ली (Jerusalem and New Delhi) के बीज संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। गिदोन सार ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया भर से आए सम्मानित हिंदू नेताओं के एक समूह को जानकारी देने का अवसर मिला। इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इस्राइल से जुड़े संघर्ष की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले ढाई साल से इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है, जिसका लक्ष्य इस्राइल को खत्म करना है। उन्होंने इसे एक 'बहुत बड़ा खतरा' बताया। सार ने यह भी कहा कि इस्राइल ने कई मोर्चों पर बढ़त हासिल की है और उसने इ...
क्यूबा के राष्ट्रपति की दो टूक…. बोले- US ने सैन्य कार्रवाई की तो उनका देश जवाब देने को तैयार….

क्यूबा के राष्ट्रपति की दो टूक…. बोले- US ने सैन्य कार्रवाई की तो उनका देश जवाब देने को तैयार….

अंतरराष्ट्रीय
हवाना। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल (Cuban President Miguel Diaz-Canel) ने गुरुवार को कहा कि क्यूबा (Cuba) नहीं चाहता कि अमेरिका (America) उस पर सैन्य कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, अगर ऐसा होता है तो उनका देश लड़ने के लिए तैयार है। डियाज-कैनेल ने यह बात एक रैली में कही, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। यह रैली क्यूबा की क्रांति के 65 साल पूरे होने पर आयोजित की गई थी, जब क्यूबा ने खुद को समाजवादी देश घोषित किया था। डियाज-कैनेल ने कहा, यह बेहद चुनौतीपूर्ण समय है और हमें एक बार फिर गंभीर खतरों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, जैसे 16 अप्रैल 1961 को थे। इन खतरों में (संभावित) सैन्य हमला भी शामिल है। हम यह नहीं चाहते, लेकिन इससे बचने के लिए तैयारी करना हमारा कर्तव्य है और अगर यह टालना संभव न हो, तो हमें इसे हराना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या चेतावनी दी?उन्होंने यह बात ऐसे...
ईरान जंग में तबाह हुए मिडिल ईस्ट के मुल्कों की मदद के लिए आगे आए 11 देश, विश्व बैंक- IMF से की अपील

ईरान जंग में तबाह हुए मिडिल ईस्ट के मुल्कों की मदद के लिए आगे आए 11 देश, विश्व बैंक- IMF से की अपील

अंतरराष्ट्रीय
तेरहान। ब्रिटेन (Britain) और जापान (Japan) समेत 11 देशों के वित्त मंत्रियों ने ईरान जंग (Iran War) में तबाह हुए मध्य-पूर्व के मुल्कों (Middle East) की ‘समन्वित’ आर्थिक मदद की अपील की है। इन देशों ने बुधवार (15 अप्रैल) को विश्व बैंक (World Bank) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) से अपील की है कि प्रभावित देशों को "समन्वित आपातकालीन सहायता" उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरत के हिसाब से वित्तीय मदद और लचीले टूलकिट उपलब्ध कराए जा सकें। ब्रिटिश सरकार द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में मंत्रियों ने कहा, "हम IMF और विश्व बैंक से अपील करते हैं कि वे ज़रूरतमंद देशों को समन्वित आपातकालीन सहायता प्रदान करें; यह सहायता उन देशों की परिस्थितियों के अनुरूप हो और इसमें उनके पास उपलब्ध सभी संसाधनों और लचीलेपन का पूरा इस्तेमाल किया जाए।" बयान में आगे कहा गया है, “अगर ईरान-अमेरिका के ब...
भारत अब रूस से नहीं खरीद पाएगा सस्ता तेल…. अमेरिका ने फिर लगाई पाबंदी

भारत अब रूस से नहीं खरीद पाएगा सस्ता तेल…. अमेरिका ने फिर लगाई पाबंदी

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
वाशिंगटन। ईरान युद्ध (Iran War) के बाद गहराए ईंधन संकट के बीच अमेरिका (America) ने रूसी तेल (Russian oil) खरीद पर लगाई पाबंदी में ढील दी थी। इसकी मियाद 11 अप्रैल को पूरी हो गई। इस दौरान भारत ने अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद देश रूस से जमकर कच्चे तेल (Crude oil) की खरीद की। अब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ताजा फैसले ने भारत समेत कई एशियाई देशों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका रूसी और ईरानी तेल खरीद के लिए दी गई प्रतिबंधों की छूट की समय सीमा को नहीं बढ़ाएगा। अमेरिका का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया के तेल बाजार में भारी अस्थिरता है। भारत जैसे देशों ने अपनी आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए इन छूटों का भरपूर लाभ उठाया था। क्या है पूरा मामला?फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध छिड़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली ग...
ईरान युद्ध के चलते कई देशों में आसमान पर पहुंचे पेट्रोल-डीजल के दाम… भारत में अब तक राहत

ईरान युद्ध के चलते कई देशों में आसमान पर पहुंचे पेट्रोल-डीजल के दाम… भारत में अब तक राहत

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध (Iran–US–Israel War.) शुरू होने के बाद से अबतक कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Price) आसमान पर पहुंच गए। फिलीपिंस में डीजल के रेट में 172 प्रतिशत उछाल आया तो म्यांमार में पेट्रोल के रेट डबल हो गए। लेकिन, भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में अभी राहत है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर पिछले कई साल से अटका हुआ है। यह आशंका प्रबल है कि यह राहत चुनाव के बाद छिन सकती है। पेट्रोल के दाम सबसे अधिक बढ़ाने वाले देशglobalpetrolprices.com के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक पेट्रोल के सबसे अधिक दाम बढ़ाने वाले देशों में म्यांमार (101.1%), फिलीपींस (72.6%), मलेशिया (68.1%), लाओस (45.6%), जिम्बाब्वे (42.9%) पाकिस्तान (42.0%), यूएई (40.8%), कंबोडिया (40.4%) और नेपाल (39.5%)। डीजल के दाम सबसे अधिक बढ़ाने वाले देशफिलीपींस 172.0%लाओस...
भारत का सबसे बड़ा Trade पार्टनर बना चीन… अमेरिका को छोड़ा पीछे

भारत का सबसे बड़ा Trade पार्टनर बना चीन… अमेरिका को छोड़ा पीछे

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। चीन (China), अमेरिका (America) को पीछे छोड़कर 2025-26 में भारत (India) का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार (Largest Trading Partner) बन गया है। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस दौरान चीन के साथ देश का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका 2024-25 तक लगातार चार वर्षों तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। व्यापार घाटा भी रिकॉर्ड स्तर परचीन 2013-14 से 2017-18 तक और फिर 2020-21 में भी भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार रहा। चीन से पहले यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा 2025-26 में बढ़कर 112.16 अरब डॉलर के अब तक के उ...
जांच खत्म करे अमेरिका…. भारत ने अतिरिक्त उत्पादन के आरोपों को किया खारिज

जांच खत्म करे अमेरिका…. भारत ने अतिरिक्त उत्पादन के आरोपों को किया खारिज

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) ने अमेरिका (America) के व्यापार प्रतिनिधित (यूएसटीआर-USTR) की ओर से लगाए गए आरोपों को सख्ती के साथ खारिज किया। उन्होंने भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त उत्पादन (Excess Production) और औद्योगिक असंतुलन (Industrial Imbalance) का आरोप लगाया था। भारत ने कहा कि जांच शुरू करने वाले नोटिस में इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस कारण नहीं दिया गया है। भारत ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह यह निष्कर्ष निकाले कि भारत ने कोई नकारात्मक काम नहीं किया है और उसके खिलाफ जो जांच चल रही है, उसे समाप्त कर दे। यह बात भारत सरकार ने अपने जवाब में यूएसटीआर को बताई। 11 मार्च को अमेरिका ने अपने व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ जांच शुरू करने की घोषणा की। इनमें भारत, चीन, जापान और यूरोपीय संघ शामिल हैं। इस जांच का उद्देश्य उन 'अनुचित विदेशी नीतियों या तरीकों' को देखना और उन पर कार्रवाई करन...
नेपाल सरकार का बड़ा फैसला…. 2006 के बाद सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों की संपत्ति की होगी जांच… 7 पूर्व PM भी दायरे में

नेपाल सरकार का बड़ा फैसला…. 2006 के बाद सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों की संपत्ति की होगी जांच… 7 पूर्व PM भी दायरे में

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू। नेपाल (Nepal) की सरकार ने बुधवार को अपनी कैबिनेट बैठक (Cabinet meeting.) में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। नए नवेले प्रधानमंत्री बालेन शाह (Prime Minister Balen Shah.) की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सरकार ने 2006 के बाद से सार्वजनिक पद पर रहे लोगों की संपत्ति की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया। इस जांच के दायरे में नेपाल के सात पूर्व प्रधानमंत्री भी आएंगे। इसके अलावा सैकड़ों ऐसे मंत्रियों के भी नाम इस लिस्ट में शामिल होंगे, जो कि 2006 के बाद नेपाल सरकार में काम कर चुके हैं। सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ युवा और खेल मंत्री सस्मित पोखरेल ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राजेंद्र कुमार भंडारी की अगुवाई में इस पांच सदस्यीय संपत्ति जांच आयोग का गठन किया जाएगा। जांच पैनल के सदस्यों में दो पूर्व जज चंडी राज ढ...
अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…

अमेरिकी नाकाबंदी के बीच होर्मुज से गुजरा माल्टा का ध्वज लगा जहाज…

अंतरराष्ट्रीय
दुबई। माल्टा (Malta.) का ध्वज लगे एक जहाज (Ship) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz.) से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल (Crude oil.) ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका (America.) ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में जहाजों की निगरानी करने वाले शिपिंग ट्रैकिंग मॉनिटर के हवाले से दी गई है। माल्टा का ध्वज लगा तेल टैंकर अगियोस फैनोरियोस-I के गुरुवार को इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जहां अमेरिका की नाकेबंदी लागू नहीं है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में लगभग दो दिन तक रुका रहा और फिर उसने दोबारा मार्ग तय किया। इस बीच, अमेरिका की नौसेना ने कहा कि वह ईरान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने क्षेत्र में मौजूद व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है क...
अमेरिकी नाकेबादी की चीनी टैंकर ने ली परीक्षा… होर्मुज से गुजरने के बाद लिया यू-टर्न

अमेरिकी नाकेबादी की चीनी टैंकर ने ली परीक्षा… होर्मुज से गुजरने के बाद लिया यू-टर्न

अंतरराष्ट्रीय
तेहरान। अमेरिका (America) ने हाल ही में ईरान (Iran.) के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval blockade) लगा दी है। इसका मतलब है कि कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों (Iranian Ports) पर नहीं जा सकता या वहां से नहीं आ सकता। यह ब्लॉकेड 13 अप्रैल को लागू हुआ। इसका मकसद ईरान के तेल व्यापार को रोकना है। खासतौर से उन जहाजों को रोका जा रहा है जो ईरानी बंदरगाहों (Iranian Ports) या तटीय क्षेत्रों में आते-जाते हैं। अब एक चीनी कंपनी से जुड़े टैंकर ने इस नाकेबंदी की परीक्षा ली है जिसका दुनिया भर में खूब चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस चीनी टैंकर का नाम रिच स्टारी है। यह चीन की शंघाई Xuanrun शिपिंग कंपनी का है। अमेरिका ने 2023 में इसे प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि यह ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था। टैंकर में लगभग 2.5 लाख बैरल मेथेनॉल (एक तरह का केमिकल) था। ब्लॉकेड शुरू होते ही यह होर्...