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आर्थिक

KCC: पैसे की कमी से खेती पर न लगे ब्रेक… बड़े काम की है मोदी सरकार की ये योजना

KCC: पैसे की कमी से खेती पर न लगे ब्रेक… बड़े काम की है मोदी सरकार की ये योजना

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central government) की कई योजनाएं हैं जिसके तहत लोगों को क्रेडिट कार्ड (Credit Card) मुहैया कराया जाता है। ऐसी ही एक योजना किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) (केसीसी) है। इस योजना के तहत किसानों को अलग-अलग फसल के लिए बैंक की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है। सरकार का मकसद है कि पैसे की कमी की वजह से किसानों की खेती या अन्य गतिविधियों पर ब्रेक ना लगे। कब हुई थी शुरुआतवैसे तो इसकी शुरुआत साल 1998 में हुई थी लेकिन समय के साथ इसे मोडिफाई किया गया। साल 2019 में, केसीसी योजना को इससे जुड़ी गतिविधियों, जैसे पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की वर्किंग कैपिटल आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था। आइए किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट समेत अन्य डिटेल से जान लेते हैं। कितनी है लिमिटलाभार्थी को संशोधित ब्याज सहायता योजना के अंतर्गत भारत सरकार बैंकों को 7% प्र...
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से होगी शुरू…. गुवाहाटी-हावड़ा के बीच होगी संचालित

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से होगी शुरू…. गुवाहाटी-हावड़ा के बीच होगी संचालित

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक (Making long-distance travel comfortable) और तेज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) आज (गुरुवार, 22 जनवरी) से कामाख्या (गुवाहाटी) और हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच अपनी व्यावसायिक सेवा शुरू करने जा रही है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) द्वारा संचालित यह ट्रेन रातों-रात सफर करने वाले यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं और कम समय में यात्रा पूरी करने का एक नया विकल्प पेश करेगी। रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 27576 बनकर कामाख्या-हावड़ा की यात्रा करेगी। यह ट्रेन 22 जनवरी से शुरू हो रही है। बुधवार को छोड़कर यह सप्ताह के सभी दिन चलेगी। यह कामाख्या से शाम 18:15 बजे निकलेगी और अगली सुबह 08:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन नंब...
सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उत्तर प्रदेश में 1,750 युवाओं को फ्यूचर-टेक स्किल्स में सर्टिफ़िकेट दिया

सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने उत्तर प्रदेश में 1,750 युवाओं को फ्यूचर-टेक स्किल्स में सर्टिफ़िकेट दिया

आर्थिक
भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड सैमसंग ने राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर, अपने प्रमुख सैमसंग इनोवेशन कैंपस (SIC) प्रोग्राम के तहत उत्तर प्रदेश में 1,750 छात्रों को सर्टिफ़िकेट देने की घोषणा की, जो राज्य में कंपनी के युवा-कौशल प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सर्टिफ़िकेशन समारोह लखनऊ के सिटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार की माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी, साथ ही शैक्षणिक नेताओं और कार्यक्रम भागीदारों की उपस्थिति थी। इस बैच के साथ, उत्तर प्रदेश में सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत प्रशिक्षित छात्रों की कुल संख्या 3,900 हो गई है, जिससे यह कार्यक्रम के तहत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले राज्यों में से एक बन गया है। सैमसंग ने उत्तर प्रदेश में 5,000 युवाओं को कुशल बनाने के अपने इरादे की घोषणा की, जो 20,000 छात्रों ...
आयकर रिफंड क्लेम में बड़ी गड़़बड़ी, एक लाख लोगों के रिटर्न में छूट के दावे गलत

आयकर रिफंड क्लेम में बड़ी गड़़बड़ी, एक लाख लोगों के रिटर्न में छूट के दावे गलत

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। आयकर रिफंड (Income tax refund) को लेकर लोगों का इंतजार बढ़ रहा है। खासकर एक लाख से अधिक के रिफंड अभी तक रुके हुए हैं। कारण, आयकर विभाग (Income Tax Department) ने रिफंड से जुड़े मामलों का ऑडिट किया, जिसमें सामने आया कि रिफंड को लेकर गलत तरीके से छूट का दावा किया गया। काफी सारे मामलों में गड़बड़ी (Malfunction) सामने आने के बाद आयकर विभाग ने गहन जांच शुरू की, जिसमें पाया कि बड़ी संख्या में रिफंड पाने के लिए हेराफेरी की गई है। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान पाया गया कि कुछ मामलों में रिटर्न भरते वक्त राजनीतिक दलों को चंदा दिखाया गया लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि धनराशि संबंधित राजनीतिक दल के खाते में ट्रांसफर नहीं हुई। बड़ी धनराशि चंदे के रूप में दिखाई गईकई मामलों में बड़ी धनराशि चंदे के रूप में दिखाई गई। इसी तरह से कुछ मामलों में देखा गया कि एनजीओ को चंदे के तौर पर धनर...
भारतीय बाजारों की कमान अब घरेलू निवेशकों के हाथ… वैश्विक उथल-पुथल के बाद भी स्थिति मजबूत

भारतीय बाजारों की कमान अब घरेलू निवेशकों के हाथ… वैश्विक उथल-पुथल के बाद भी स्थिति मजबूत

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। रूसी तेल (Russian oil), वेनेजुएला (Venezuela), ईरान में प्रदर्शन (Iran protests) और ग्रीनलैंड पर कब्जे की मंशा हर थोड़े समय बाद इन मुद्दों से शेयर बाजार (Stock market) सहमे हैं। इन सबके बीच भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिल रही। हालांकि कुछ सेक्टर में गिरावट है, स्मॉल कैप और मिड कैप में मुनाफावसूली चल रही है लेकिन सूचकांक इस गिरावट को दर्शा नहीं रहे हैं। इस संबंध में बाजार विशेषज्ञ अनुज गुप्ता से सवाल किए गए। पेश हैं उनके जवाब- विदेशियों की तेज बिकवाली से भी बाजार क्यों नहीं टूटा?अब भारतीय शेयर बाजार पूरी तरह विदेशी निवेशकों पर निर्भर नहीं है। घरेलू संस्थागत निवेशक-जैसे म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और ईपीएफओ लगातार खरीदारी कर रहे हैं। एसआईपी के जरिए बढ़ती रिटेल भागीदारी से हर महीने आने वाला स्थायी निवेश विदेशी बिकवाली की भरपाई कर देता ...
अवैध प्रवासन बनी चुनौती.. 5 साल में 81 देशों ने एक लाख से ज्यादा भारतीयों को किया डिपोर्ट

अवैध प्रवासन बनी चुनौती.. 5 साल में 81 देशों ने एक लाख से ज्यादा भारतीयों को किया डिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अवैध प्रवासन (Illegal Migration) सभी देशों के लिए चुनौती बनी हुई है। कई देशों में यह राजनीतिक मुद्दा भी बना है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के आंकड़े बताते हैं कि विदेशों में भारतीयों के अवैध रुप से प्रवासन (Illegal Migration of Indians) के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले पांच सालों के दौरान 81 देशों से एक लाख से भी ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट (Deport-वापस भेजना) किया गया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में औसतन 25 हजार भारतीय हर साल डिपोर्ट होकर आ रहे हैं। जबकि, पांच साल पहले तक यह संख्या 14-15 हजार के बीच होती थी। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के तमाम छोटे बड़े देशों से भारतीयों को डिपोर्ट किया जा रहा है। यहां तक की बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, कंबोडिया से भी सैकड़ों भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 2021-2025 के दौरान करीब 1.05 लाख भारत...
US-भारत ट्रेड डील पर रोड़ा बन सकती है दाल… इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से अमेरिका को लगी मिर्ची

US-भारत ट्रेड डील पर रोड़ा बन सकती है दाल… इंपोर्ट ड्यूटी लगाने से अमेरिका को लगी मिर्ची

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
वाशिंगटन। अमेरिका और भारत (America and India) के बीच ट्रेड डील (Trade deal) एक बार फिर अटकती नजर आ रही है। इस बार इस डील के रास्ते में रोड़ा बनी है दाल। दो अमेरिकी सांसदों ने इसको लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) को पत्र लिखा है। इसमें ट्रंप से कहा गया है कि वो भारत पर दबाव बनाएं कि अमेरिकी दालों (American pulses) के आयात से 30 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी (30 Percent Import Duty) हटाई जाए। अमेरिकी सांसदों ने भारत द्वारा लगाई गई इंपोर्ट ड्यूटी को गैर-जरूरी बताया गया है। साथ ही इनका यह भी कहना है कि इसकी वजह से अमेरिकी उत्पादकों को काफी नुकसान हो रहा है। बता दें कि भारत ने यह आयात शुल्क अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद लगाया है। आशंका है कि इसके चलते अमेरिका-भारत के बीच चल रही ट्रेड डील फिर पटरी से उतर सकती है। सांसदों के लेटर में क्या कहा गयाअमेरिकी राष्ट...
त्योहारों पर हवाई किराए में भारी वृद्धि को SC ने बताया ‘शोषण’, DGCA से मांगा जवाब

त्योहारों पर हवाई किराए में भारी वृद्धि को SC ने बताया ‘शोषण’, DGCA से मांगा जवाब

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने त्योहारों के दौरान हवाई किराए (Airfares) में होने वाली अत्यधिक वृद्धि पर चिंता जताते हुए सोमवार को कहा कि वह इस संबंध में 'अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव' को लेकर हस्तक्षेप करेगा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए विमानन कंपनियों (Aviation companies) द्वारा हवाई किराए (Airfares) में अत्यधिक वृद्धि को 'शोषण' करार दिया और केंद्र सरकार तथा नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से अपना जवाब दाखिल करने को कहा। याचिका में निजी विमानन कंपनियों के हवाई किराए और अन्य शुल्कों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए बाध्यकारी नियामक दिशानिर्देशों का अनुरोध किया गया है। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक से कहा, 'हम निश्चित रूप से हस्तक्षेप करेंगे। कुंभ और अन्य त्योहारों क...
ग्रीनलैंड विवाद और ट्रंप की टैरिफ धमकी से बाजारों में हलचल … भारतीय शेयर मार्केट भी प्रभावित !

ग्रीनलैंड विवाद और ट्रंप की टैरिफ धमकी से बाजारों में हलचल … भारतीय शेयर मार्केट भी प्रभावित !

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर एक बार फिर वैश्विक राजनीति और बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि ग्रीनलैंड मुद्दे पर सहयोग नहीं मिला तो अमेरिका नाटो के कुछ यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ (Heavy tariffs on European countries) लगा सकता है। इस संभावित फैसले का असर सिर्फ अमेरिका और यूरोप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव सोना-चांदी की कीमतों से लेकर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) तक दिख सकता है। भारतीय शेयर बाजार में निकट भविष्य में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि, लंबी अवधि में भारत के लिए नए व्यापारिक अवसर भी उभर सकते हैं। ग्रीनलैंड विवाद और टैरिफ की धमकीरिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने डेनमार्क समेत नाटो के कई सदस्य देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही है। ग्रीनलैंड डेनमार्क क...
अमेरिका सांसदों ने ट्रंप से किया आग्रह… बोले- भारत से टैरिफ कम करवाने के लिए करें बात

अमेरिका सांसदों ने ट्रंप से किया आग्रह… बोले- भारत से टैरिफ कम करवाने के लिए करें बात

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
नई दिल्ली। पूरी दुनिया के देश जहां ट्रंप (Trump) से टैरिफ (Tariffs) कम करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के सांसद (American MP) अपने राष्ट्रपति से आग्रह करते नजर आ रहे हैं कि वह भारत से बात करके टैरिफ कम करवाने की कोशिश करें। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के दो सांसद स्टीव डेंस (मोंटाना) और क्रेविन क्रेमर (नॉर्थ डकोटा) ने पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह होने वाले समझौते में भारत को दलहन के ऊपर से टैरिफ कम करने का आग्रह करें। अमेरिकी राष्ट्रपति (American President Donald Trump) को लिखे अपने पत्र में सांसदों ने बताया कि उनके क्षेत्र मोंटाना और नॉर्थ डकोटा दलहन उत्पान में अग्रणी है। इन क्षेत्रों के दलहन उत्पादन का सबसे बड़ा उपभोक्ता भारत ही है। दलहन के क्षेत्र में भारत की कुल खपत वैश्विक खपत की 27 फीसदी है। लगातार चलते टैरिफ वॉर के बीच सांसदों ने कहा कि भारत ने अमेरिका से आने वाली...