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मध्य प्रदेश

उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश
भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। गेहूँ उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाएं भी सहयोग करें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार किसान और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल संवाद के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था...
MP में रेलवे ट्रैक की लंबाई बढ़कर हुई 5,200 किमी, चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क

MP में रेलवे ट्रैक की लंबाई बढ़कर हुई 5,200 किमी, चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क

मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों का परिणाम, केंद्र से मिला सहयोग भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। मध्यप्रदेश 'डबल इंजन सरकार' का एक शानदार उदाहरण बनकर उभरा है। अब प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है और रेल कनेक्टिविटी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाले शीर्ष दस राज्यों में से एक है। रेलवे ट्रैक की लंबाई बढ़कर 5,200 किलोमीटर हो गई है, जो देश के कुल रेल नेटवर्क का 7.6% है। बेहतर रेल सेवाओं के माध्यम से देश के सभी हिस्सों तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। मध्यप्रदेश के लिए आवंटित रेलवे बजट में 24 गुना वृद्धि हुई है। इस वर्ष 15,188 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। पिछले वर्ष यह राशि 14,745 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2009 से 2014 तक, वार्षिक बजट केवल 632 क...
कृषि, परंपरा और नवाचार के समन्वय से मध्यप्रदेश बना कृषि विकास का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषि, परंपरा और नवाचार के समन्वय से मध्यप्रदेश बना कृषि विकास का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्य प्रदेश
भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश में कृषि और कृषि से जुड़े व्यवसायों को सह अस्तित्व की दृष्टि से बड़े सम्मान के साथ देखा गया है। समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे वर्ष प्रदेश में कृषि उत्सव मनाया जा रहा है। कृषि के माध्यम से हमें प्रकृति के साथ जीने का अवसर मिलता है। देश में कृषि की परंपरा लाखों साल पुरानी है। भीम बैठिका में पुरातन काल से कृषि की परंपरा के शैलचित्र देखने को मिलते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों सालों से कृषि के साथ जीने का मार्ग दिखाया है। भारतीय संस्कृति में खेती के प्रति आदर का भाव है। देश की धरती अन्न के रूप में सोना उगल रही है। देश में कभी अनाज का संकट आया था, लेकिन आज हमारे कृषि वैज्ञानिक नई-नई किस्में विकसित कर अनाज उत्पादन को बढ़ा रहे...
MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी

MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
टीकमगढ़। उमा भारती (Uma Bharti) ने टीकमगढ़ (Tikamgarh) में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ (Remove Encroachment) मुहिम का अनोखे अंजाद में विरोध जताया। उन्होंने ठेले पर पोहा और जलेबी (Poha and Jalebi) बेचकर कार्रवाई को तानाशाही बताया। साथ ही गरीबों के रोजगार की रक्षा में उतरने का भरोसा दिया। प्रशासन का तर्क है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और एम्बुलेंस के रास्ते साफ करने के लिए यह जरूरी था लेकिन उमा भारती ने इसे गरीबों के रोजगार पर हमला बताया। उन्होंने दुकानदारों को बिना डरे ठेले लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई अमानवीय है। दरअसल, सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई छोटे व्यापारियों के ठेले हटाए गए जिससे स्थानीय लोगों और विक्रेताओं में नाराजगी देखी गई। इसी के विरोध में मंगलवार को उमा भारत...
सर पास कर दो…. MP में 10वीं-12वीं की कॉपियों में किसी ने रखे 500 के नोट, तो किसी ने की ऑनलाइन पैसे भेजने की पेशकश

सर पास कर दो…. MP में 10वीं-12वीं की कॉपियों में किसी ने रखे 500 के नोट, तो किसी ने की ऑनलाइन पैसे भेजने की पेशकश

मध्य प्रदेश, राज्य
ग्वालियर। हाईस्कूल (High school.) और हायर सेकेंडरी (Higher Secondary.) की परीक्षा खत्म होने के बाद ग्वालियर में इन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कॉपियों को जांचने (Copies Checking) का काम हुआ। इस बारे में जानकारी देते हुए शिक्षकों ने बताया कि इस साल स्टू़डेंट्स की कॉपियों को जांचने के दौरान उन्हें 100 से ज्यादा अनोखी गुहारें (Unique requests) मिली, जिसे पढ़कर शिक्षक भी हैरान रह गए और उन्हें हंसी भी आई। इनमें से कुछ छात्र-छात्राओं ने अपने फोन नंबर कॉपियों में लिखकर पास करने के बदले शिक्षकों को ऑनलाइन रिश्वत भेजने की पेशकश की, तो वहीं कुछ ने माता-पिता की बीमारी की बात लिखते हुए पास करने की अपील की। कॉपी जांचने वाले शिक्षकों ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राओं ने कॉपी के साथ 500 रुपए का नोट कॉपी में रखा और लिखा कि सर पास कर दीजिए, वहीं कुछ छात्रों ने कॉपी में इमोशनल शायरी लिख दी। कॉप...
भोजशाला विवाद: HC में हिन्दू पक्ष की दलील… केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह मस्जिद नहीं बन जाती…

भोजशाला विवाद: HC में हिन्दू पक्ष की दलील… केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह मस्जिद नहीं बन जाती…

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
इंदौर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच (Indore Bench) में धार (Dhar) के भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रहे विवाद के मुकदमे में मंगलवार को हिंदू पक्ष ने दलील दी कि किसी स्थान पर केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह कानूनन मस्जिद नहीं बन जाती है। 11वीं सदी का भोजशाला परिसर स्थित विवादित ढांचा वक्फ संपत्ति नहीं है। बता दें कि हिंदू पक्ष भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है। सरस्वती मंदिर पहले से था मौजूदमध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ भोजशाला परिसर के धार्मिक स्वरूप से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार 6 अप्रैल से रोज सुनवाई कर रही है। दूसरे दिन हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने अद...
नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश

नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) स्थित फैमिली कोर्ट (Family Court) ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद (Marital dispute) में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम (Asaram) के पुत्र नारायण साईं (Narayan Sai) और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है. जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की। याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, ले...
MP कैबिनेट: उज्जैन में Rs 590 करोड़ से होगा हवाई पट्टी का विस्तार, बोइंग और एयरबस का होगा संचालन…

MP कैबिनेट: उज्जैन में Rs 590 करोड़ से होगा हवाई पट्टी का विस्तार, बोइंग और एयरबस का होगा संचालन…

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने उज्जैन हवाई पट्टी (Ujjain airstrip) के विस्तार के लिए 590 करोड़ रुपये की लागत से 437 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। उड़ान योजना के तहत यहां बोइंग और एयरबस (Boeing and Airbus.) जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता किया गया है। उज्जैन एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है जहां प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) स्थित है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2,923 करोड़ रुपये के 22 विकास कार्यों को मंजूरी दी है जिन्हें दिवाली 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उज्जैन हवाई पट्टी का होगा विकासएक अधिकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन हवाई पट्टी के विकास के लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हुआ है ताकि यहा...
MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक

MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सरकारी संस्थानों (Government Institutions) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों (Women Employees) को मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) का लाभ पाने के लिए 80 दिनों की अनिवार्य कार्य अवधि की शर्त पूरी करने की जरूरत नहीं है। जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि ये नियम केवल निजी कार्यस्थलों पर लागू होती है, न कि राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर। कोर्ट ने कहा, मैटरनिटी लीव का लाभ उठाने के लिए 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होगी। राज्य अपने नागरिकों की भलाई के लिए उपाय करने के लिए बाध्य है। यह आदेश राज्य सरकार पर लागू होगा और मातृत्व अवकाश का लाभ उठाने के लिए पिछले 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानो...
पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत

पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत

मध्य प्रदेश
ग्वालियर। जगह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर बेंच (Gwalior Bench)। 19 साल की महिला (19-year-Old Woman) कोर्टरूम के अंदर है। बाहर उसके माता-पिता, पति और प्रेमी खड़े हैं। अंदर हो रही सुनवाई का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है। अदालत के सामने महिला ने 'साथ रहने के अधिकार' का इस्तेमाल करते हुए कहा- “मैं बालिग हूँ। मैं अपनी मर्ज़ी से जी रही हूँ। मैं अपने पति या अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती।” जानिए क्या है मामला और इसे लेकर क्यों चर्चाएं तेज हो गई हैं। पति, दूसरे आदमी ने अवैध रूप से पत्नी को रखादरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में अवधेश नामक शख्स ने हेबियस कॉर्पस पिटीशन दायर की थी। आसान शब्दों में कहें, तो किसी व्यक्ति को कोर्ट के सामने पेश करो।ये याचिका पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को अ...