वॉट्सऐप की प्राइवेसी नीति पर छिड़ा विवाद… SC ने लगाई कड़ी फटकार… कहा- नागरिकों की निजता सर्वोपरि
नई दिल्ली। क्या वाकई आपकी चैट पूरी तरह सुरक्षित है? इस सवाल के बीच भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court.) ने मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप (Instant messaging platform WhatsApp.) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि डेटा साझा करने के नाम पर देश के नागरिकों की निजता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा की डेटा-शेयरिंग व्यवस्था और प्राइवेसी पॉलिसी पर गंभीर नाराजगी जाहिर की है।
कोर्ट ने दो टूक कहा कि भारतीय नागरिकों के प्राइवेसी अधिकारों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होगा। वॉट्सऐप डेटा साझा करने की आड़ में निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ तीन फरवरी को मेटा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। गौरतलब है कि भारत...









