
रायगढ़, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। रायगढ़ जिले के शासकीय जिला चिकित्सालय में ब्रेन हेल्थ क्लीनिक का शुभारंभ शनिवार को छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री ने इसे जिले के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे मस्तिष्क, मानसिक और स्पाइन से संबंधित बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि आज के समय में ब्रेन और मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर इस क्लीनिक की स्थापना की है। यहां मरीजों को निशुल्क परामर्श, निशुल्क इलाज और आवश्यक निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सभी वर्गों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सिविल सर्जन डॉ. दिनेश कुमार पटेल के अनुसार, इस प्रकार की व्यवस्था पहले दंतेवाड़ा जिले में शुरू की गई थी और उसी मॉडल को रायगढ़ में लागू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग इस पहल के तहत ब्रेन से संबंधित बीमारियों को खत्म करने के लिए पूरी गंभीरता से काम करेगा।
क्लीनिक में खास ओपीडी की शुरुआत की गई है, जिसमें न्यूरो मेडिसिन, न्यूरो सर्जरी और सायकेट्री विभागों की संयुक्त सेवाएं पेश की जाएंगी। इस क्लीनिक में पार्किंसन, डिमेंशिया, अल्जाइमर, स्ट्रोक, और लकवा जैसे मस्तिष्क तथा मानसिक रोगों का इलाज किया जाएगा। यहां प्रत्येक शनिवार को न्यूरो सर्जरी, बुधवार को सायकेट्री और हर महीने के अंतिम शुक्रवार को न्यूरो मेडिसिन विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। जिला चिकित्सालय के नियमित चिकित्सक प्रतिदिन ओपीडी एवं काउंसलिंग सेवाएं भी देंगे।
क्लीनिक के अंतर्गत न्यूरो फिजियोथेरेपी यूनिट भी शुरू की जा रही है, जहां लकवा और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को निशुल्क फिजियोथेरेपी उपचार प्रदान किया जाएगा, ताकि वे जल्दी से अपने दैनिक कार्यों में लौट सकें। रायपुर सहित अन्य स्थानों से चिकित्सकों के सहयोग से यह क्लीनिक जिले के लिए एक समन्वित और आधुनिक उपचार केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ओपी चौधरी ने जिला चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण किया और अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बी. पठारे, नगर निगम आयुक्त ब्रजेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
