Saturday, April 5"खबर जो असर करे"

Tag: Steps

सरकार निया‍मकीय बोझ कम करने, देश को निर्यात अनुकूल बनाने के लिए उठा रही कदम: वित्त मंत्री

सरकार निया‍मकीय बोझ कम करने, देश को निर्यात अनुकूल बनाने के लिए उठा रही कदम: वित्त मंत्री

देश, बिज़नेस
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को कहा कि सरकार नियामकीय बोझ (Regulatory burden) को कम करने के साथ राज-काज के स्तर पर भरोसा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ भारत को निर्यात अनुकूल अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कदम उठा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार विश्वास आधारित शासन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। वित्त मंत्री ने 'नियामक, निवेश और कारोबार में आसानी (ईओडीबी) सुधार' विषय पर बजट के बाद वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि सरकार विनियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा 100 से ज्‍यादा प्रावधानों को अपराधमुक्त करने के लिए जन विश्वास विधेयक 2.0 पेश करने की तैयारी में है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि "बजट घोषणाओं के माध्यम से हम भार...
कोयला के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है भारत

कोयला के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है भारत

देश, बिज़नेस
- देश में अप्रैल-दिसंबर के दौरान कोयला आयात 40.66 फीसदी घटा नई दिल्ली (New Delhi)। भारत (India) कोयला क्षेत्र (coal field) में आत्मनिर्भरता की ओर कदम (Steps towards self-reliance) बढ़ा रहा है। देश में कोयला आधारित बिजली का उत्पादन (coal based power generation) चालू वित्त वर्ष 2023-24 की अप्रैल-दिसंबर के दौरान पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 10.13 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि (Significant increase of 10.13 percent) दर्ज हुई है, जबकि इसी अवधि के दौरान कुल बिजली के उत्पादन में 6.71 फीसदी की वृद्धि हुई है। कोयला मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि देश का बिजली उत्पादन चालू वित्त वर्ष 2023-24 की अप्रैल-दिसंबर के दौरान 7.14 फीसदी बढ़कर 872 अरब यूनिट हो गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बिजली उत्पादन 813.9 अरब यूनिट रहा था। मंत्रालय के मुताबिक यह देश में बढ...
साइबर सुरक्षित भारत के निर्माण की ओर बढ़ते कदम

साइबर सुरक्षित भारत के निर्माण की ओर बढ़ते कदम

अवर्गीकृत
- मुकुंद यह 21वीं सदी है। इस सदी ने दुनिया को इलेक्ट्रानिक, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी का बड़ा उपहार दिया है। भारत के लिए तो यह एक तरह से क्रांति जैसी है। इस युग में कंप्यूटर, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी से संबंधित उपकरण और सुविधाएं आम लोगों तक के जीवन का सबसे अहम हिस्सा बन गए हैं। इस युग का सबसे बड़ा सच यह है कि इन सुविधाओं के बिना आसान जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस पर निर्भरता इतनी बढ़ गई है कि सामान्य बातचीत से लेकर व्यापार, सरकारी और गैरसरकारी कामकाज, शिक्षा, बैंकिग लेनदेन, खरीद-फिरोख्त जैसी सभी गतिविधि ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से संचालित हो रही हैं। बड़ा तथ्य यह है कि वर्ष 2020 तक भारत में इंटरनेट का प्रयोग करने वालों की संख्या 70 करोड़ तक पहुंच गई थी। वर्ष 2025 तक इसके 97.4 करोड़ तक का आंकड़ा छूने की उम्मीद है। इस लिहाज से देखा जाए तो भारत, चीन के बाद विश्व में दूसरे स्थ...