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Tag: Shravan month

मन की बात में श्रावण मास

मन की बात में श्रावण मास

अवर्गीकृत
- डॉ. दिलीप अग्निहोत्री प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में विविध विषय शामिल होते हैं। वह देश में होने वाले विशेष कार्यों का उल्लेख करते हैं। इसके माध्यम से वह व्यापक संदेश देते हैं। लोगों को जागरूक करते हैं। इस बार उन्होंने श्रावण मास की चर्चा की। इसमें श्री काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन का उल्लेख किया। इसमें पौधरोपण और जल संरक्षण का भी संदेश था। अमेरिका से वापस मिलीं मूर्तियां मोदी की विदेश नीति की सफलता है। मुस्लिम महिलाओं को हज यात्रा की विशेष सुविधा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब का आधार व्यक्त किया। 'मन की बात' में उत्तर प्रदेश के भी संदर्भ थे। इनका महत्व केवल इस प्रदेश तक सीमित नहीं था। बल्कि देश के लिए भी इनका महत्व है। शायद इसीलिए प्रधानमंत्री ने इनका विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीती 22 जुलाई क...
उज्जैनः श्रावण मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी 10 जुलाई को

उज्जैनः श्रावण मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी 10 जुलाई को

देश, मध्य प्रदेश
- 11 सितम्बर को निकलेगी शाही सवारी, 21 अगस्त को नागपंचमी पर्व रहेगा उज्जैन (Ujjain)। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम (Collector Kumar Purushottam ) और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा (SP Sachin Sharma) ने बुधवार देर शाम प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में आगामी श्रावण-भादौ मास-2023 (Shravan-Bhadau month-2023) में भगवान महाकालेश्वर (Lord Mahakaleshwar) के दर्शन, भगवान महाकालेश्वर की निकलने वाली सवारी और नागपंचमी पर्व पर की जाने वाली दर्शन व्यवस्था की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास 04 जुलाई 2023 से प्रारंभ होकर 11 सितम्बर 2023 तक मनाया जाएगा। बैठक में महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने पावर पाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए की जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बताया गया कि इस बार अधिकमास होने के ...
हरिहर का रूप है श्रावण माह इस बार सर्वाधिक शुभ मुहुर्त

हरिहर का रूप है श्रावण माह इस बार सर्वाधिक शुभ मुहुर्त

जीवन शैली
वैसे तो चातुर्मास के चार महीनों में क्रमशः सावन में शिव, भादौ में गणेश, अश्विन में देवी और कार्तिक महीने में भगवान विष्णु की पूजा होती है। चातुर्मास का पहला माह श्रावण होने से सावन में पूजा-पाठ के साथ ही खाने-पीने की कई चीजों का ध्यान रखा जाता है। श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी ने बताया कि पूरे महीने शिवजी की पूजा के साथ ही व्रत-उपवास भी किए जाते हैं। सावन की पूर्णिमा को चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में रहता है। इसलिए श्रवण नक्षत्र से इस महीने का नाम पड़ा है। सावन महीने के आखिरी दिन पूर्णिमा तिथि पर श्रवण नक्षत्र के संयोग में रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। इसके साथ ही सावन में भगवान विष्णु की पूजा का भी विधान होता है। डॉ तिवारी के अनुसार सावन मास के देवता शुक्र हैं और शिवजी के साथ इस महीने में भगवान विष्णु के श्रीधर रूप की पूजा करने का विधान बताया गया ...