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सेमीकंडक्टर के डिजाइन में कौशल की मांग को पूरा करेगा नोएडा का नया उत्कृष्टता केंद्र

सेमीकंडक्टर के डिजाइन में कौशल की मांग को पूरा करेगा नोएडा का नया उत्कृष्टता केंद्र

देश, बिज़नेस
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने किया नए केन्द्र का उद्घाटन नई दिल्ली। सरकार ने सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन उद्योगों में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक नए उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) का शुभारंभ किया है। इस केंद्र का उद्घाटन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने किया। इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) के नोएडा परिसर में मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के एक उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) का उद्घाटन किया। यह केंद्र भारत की सेमीकंडक्टर के डिजाइन और विकास क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपू...

बेंगलुरु की बारिश और नोयडा ट्वीन टावर के ध्वस्त होने के संदेश

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- आर.के. सिन्हा देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु में आफत की बारिश ने सारे महानगर को जलमग्न करके रख दिया। जिस बेंगुलरु में सारी दुनिया की प्रमुख आईटी कंपनियों के सैकड़ों दफ्तरों में लाखों पेशेवर काम करते हैं, वह घुटनों पर आ गया। इस बारिश के कहर ने आम इंसान से लेकर अरबपतियों तक को नहीं छोड़ा। बारिश से सड़कों पर भारी जाम लग गए, रेल-हवाई सेवायें बुरी तरह प्रभावित हुई। घरों में पानी जाता रहा, स्कूल-कॉलेज, दफ्तर सब बंद हो गए। ये स्थिति अब लगभग हर साल किसी खास शहर या महानगर की होने लगी है। योजनाएं बनती हैं ताकि बारिश के बाद होने वाली अव्यवस्था और अराजकता की पुनरावृत्ति न हो। पर ऐसा लगता है कि ये सारी योजनाएं फाइलों में गुम हो जाती हैं। भगवान जाने उन योजनाओं के लिए पारित बजट का क्या होता है। बेंगलुरु ने भारत को एक अलग तरह की पहचान दिलाई है। सारे देश-दुनिया के आईटी पेशेवर यहां पर आकर काम करना पसंद कर...

भ्रष्टाचार के भवन को कौन गिराएगा ?

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- डॉ. वेदप्रताप वैदिक सुपरटेक द्वारा निर्मित नोएडा के दो संयुक्त टावरों का गिराया जाना अपने आप में ऐतिहासिक घटना है। पहले भी अदालत के आदेशों पर कई इमारतें भारत के विभिन्न प्रांतों में गिराई गई हैं लेकिन जो इमारतें कुतुब मीनार से भी ऊंची हों और जिनमें 7000 लोग रह सकते हों, उनको अदालत के आदेश पर गिराया जाना सारे भारत के भ्रष्टाचारियों के लिए एक कड़वा सबक है। ऐसी गैर-कानूनी इमारतें सैकड़ों-हजारों की संख्या में सारे भारत में खड़ी कर दी गई हैं। नेताओं और अफसरों को रिश्वतों के दम पर ऐसी गैर-कानूनी इमारतें खड़ी करके मध्यमवर्गीय ग्राहकों को अपने जाल में फंसा लिया जाता है। वे अपना पेट काटकर किश्तें भरते हैं, बैंकों से उधार लेकर प्रारंभिक राशि जमा करवाते हैं और बाद में उन्हें बताया जाता है कि जो फ्लैट उनके नाम किया गया है, अभी उसके तैयार होने में काफी वक्त लगेगा। लोगों को निश्चित अवधि के दस-दस साल बाद ...