Sunday, April 6"खबर जो असर करे"

Tag: China

1962 की जंगः भारत वापस ले चीन से अपनी जमीन

1962 की जंगः भारत वापस ले चीन से अपनी जमीन

अवर्गीकृत
- आरके सिन्हा अब भी देश की 70 की उम्र पार कर गई पीढ़ी को याद है जब भारत-चीन युद्ध 20 अक्टूबर, 1962 को शुरू हुआ था। चीन ने 20 अक्टूबर को अचानक भारत की सीमा पर हमला बोला था। हालांकि तब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद चल तो रहा था, पर चीन की एकतरफा कार्रवाई की किसी ने उम्मीद नहीं की थी। देश 1962 से अब तक उस जंग के खलनायकों पर बार-बार चर्चा करता रहा है। पर जरा देखिए कि उस जंग के एक बड़े खलनायक की राजधानी में लगी आदमकद मूर्ति को देखकर हरेक सच्चे भारतवासी का मन उदास हो जाता है। हम बात कर रहे हैं कृष्ण मेनन मार्ग पर लगी वी.के. कृष्ण मेनन की मूर्ति की। वे भारत के पूर्व रक्षा मंत्री थे। क्या इस सड़क का नाम आज के दिन कृष्ण मेनन मार्ग होना चाहिए, जो कि भारत के रक्षा मंत्री रहते हुए भी चीन के एजेंट का ही काम कर रहे थे ? उस जंग में हमारे सैनिक कड़ाके की ठंड में पर्याप्त गर्म कपड़े पहने बिना ही लड़े थे।...
तिब्‍बत को लेकर चीन की नई साजिश, घोषित करना चाहता है अपना दलाई लामा, ऐसे हुआ खुलासा

तिब्‍बत को लेकर चीन की नई साजिश, घोषित करना चाहता है अपना दलाई लामा, ऐसे हुआ खुलासा

विदेश
ल्हासा/तिब्बत । चीन (China) तिब्बत (Tibet) और निर्वासित दलाई लामा (Dalai Lama) को लेकर लगातार आक्रामक रुख दिखाता रहा है। हाल ही में चीन के दो गोपनीय आंतरिक दस्तावेज (confidential internal documents) से एक खास रणनीति का खुलासा हुआ है। इनसे पता चलता है कि कैसे 14वें दलाई लामा के तौर पर वो अपने आदमी को बिठाना चाहता है। धार्मिक आजादी और मानवाधिकार से जुड़ी मैगजीन बिटर विंटर के एडिटर इन चीफ मार्को रेस्पिंटी का कहना है कि रिपोर्ट दो अनदेखी और महत्वपूर्ण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) नीति दस्तावेज पर आधारित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये दस्तावेज चीन में प्रभावशाली और कुशल तिब्बती शोधकर्ताओं को भेजे गए हैं। यह प्रकट करता है कि चीनी सरकार दलाई लामा के बाद के युग की विस्तृत तैयारी कर रही है। इस रिपोर्ट में दलाई लामा के निधन को भुनाने और उत्तराधिकारी चुनने की चीन की योजनाओं का विवरण है। हाल ही ...
चीन में खुदाई में मिली 10 लाख साल पुरानी इंसानी खोपड़ी

चीन में खुदाई में मिली 10 लाख साल पुरानी इंसानी खोपड़ी

विदेश
नई दिल्‍ली । चीन (China) में पुरातत्वविदों (archaeologists) को खुदाई में कुछ ऐसा मिला, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. यह कुछ और नहीं बल्कि एक इंसानी खोपड़ी (human skull) है, जो करीब 10 लाख साल पुरानी बताई जा रही है. पुरातत्वविदों ने चीन के हूबेई प्रांत में इस प्राचीन इंसानी खोपड़ी की खोज की है. इस मानव खोपड़ी को इंसानी मूल का एक बड़ा सबूत माना जा रहा है. पुरातत्व विभाग की टीम के हाथ लगी यह खोपड़ी पेलियोलिथिक पीरियड यानी ओल्ड स्टोन एज के समय की बताई जा रही है, जिसपर स्टडी करने से रिसर्चरों को काफी मदद मिल सकती है. सबसे खास बात है कि पुरातत्वविदों को यह खोपड़ी उसी साइट से मिली है, जहां साल 1989 और 1990 में भी दो खोपड़ियां मिली थीं. हालांकि, दोनों खोपड़ियों की हालत बेहद खराब स्थिति में थी और दोनों की उम्र करीब 11 लाख साल पुरानी रही होगी. हूबई इंस्टिट्यूट ऑफ कल्चरल रेलिक्स एंड आर...

चीन कर रहा पाक का नुकसान

अवर्गीकृत
- डॉ. वेदप्रताप वैदिक चीन कहता है कि पाकिस्तान और उसकी दोस्ती ‘इस्पाती’ है लेकिन मेरी समझ में चीन ही उसका सबसे ज्यादा नुकसान कर रहा है। आतंकवादियों को बचाने में चीन पाकिस्तान की मदद खम ठोककर करता है और इसी कारण पाकिस्तान को पेरिस की अंतरराष्ट्र्रीय वित्तीय संस्था (एफएटीएफ) मदद देने में देर लगाती है। इस समय पाकिस्तान भयंकर संकट में फंसा हुआ है। अति वर्षा के कारण डेढ़ हजार लोग मर चुके हैं और लाखों लोग बेघर-बार हो चुके हैं। महंगाई आसमान छू रही है। बेरोजगारी ने लोगों के हौंसले पस्त कर दिए हैं। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ इस आपदा का सामना बड़ी मशक्कत से कर रहे हैं। वे बाढ़-पीड़ितों की मदद के लिए दुनिया के राष्ट्रों के आगे झोली फैला रहे हैं लेकिन चीन ने अभी-अभी फिर ऐसा कदम उठा लिया है, जिसके कारण पाकिस्तान बदनाम भी हो रहा है और उसे अंतरराष्ट्रीय सहायता मिलने में भी दिक्कत होगी। संयुक्तराष्ट्र संघ ने ...

चीन में भूकंप ने मचाई तबाही, 30 लोगों की मौत

विदेश
-सिचुआन प्रांत में 6.8 तीव्रता के आया था भूकंप बीजिंग। चीन के दक्षिण पश्चिमी सिचुआन प्रांत के लुडिंग काउंटी में सोमवार को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के हवाले से बताया गया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर आया था। भूकंप का केंद्र जमीन से 16 किमी नीचे स्थित था। भूकंप का केंद्र लुडिंग काउंटी से 39 किलोमीटर दूर स्थित था और भूकंप के केंद्र के पांच किलोमीटर के दायरे में कई गांव हैं। भूकंप के झटके सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदु में भी महसूस किए गए, जो भूकंप के केंद्र से 226 किलोमीटर दूर स्थित है। स्थानीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इस भूकंप से 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। हताहतों की संख्या और भी बढ़ सकती है क्योंकि बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में प...

चीन का अनोखा आविष्‍कार, बनाई हवा में चलने वाली ट्रेन, यह है खासियत

विदेश
नई दिल्‍ली । दुनियाभर में चीन (China) अपने नए-नए आविष्कारों और नई तकनीक के निर्माण के लिए जाना जाता है. चीन अक्सर ऐसी टेक्नोलॉजी (technology) को गढ़ता है जिसकी परिकल्पना असल जिंदगी में करना थोड़ा मुश्किल होता है. इस बार चीन ने हवा में तैरने वाली ट्रेन (Train) का निर्माण करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है. चीन ने दुनिया की पहली स्काई ट्रेन (Sky Train) बनाई जो हवा में चलती है. जी हां, बिल्कुल सही सुना आपने. ये ट्रेन जमीन से ऊपर हवा में चुंबकीय ट्रैक पर चिपककर चलेगी. ट्रेन की जो फोटो सामने आई है उसे देखकर हो सकता है आप कन्फ्यूज हो जाएं और आप अपने मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन को सीधा करने की कोशिश करने लगें क्योंकि ये ट्रेन उल्टी ही चलती है. ये स्काई ट्रेन हवा में बिल्कुल चमगादड़ की तरह उल्टी लटकी प्रतीत होती है. क्या है इस ट्रेन में खास चीन की ये ट्रेन हवा में चुंबक के सहारे चलती है. चीन ने ...

भारत-अमेरिका के सैन्य अभ्यास से बौखलाया चीन, कहा- तीसरे पक्ष की दखलंदाजी नहीं करेंगे बर्दाश्त

देश
नई दिल्ली । अमेरिका (America) के साथ भारत (India) के प्रस्तावित युद्ध अभ्यास (war exercise) का चीन (China) ने जोरदार विरोध किया है. चीन ने कहा है कि वह बॉर्डर से जुड़े विवाद (border dispute) में तीसरे पक्ष के दखल देने के सख्त खिलाफ है. भारत अमेरिका के साथ अक्टूबर में उत्तराखंड के औली में एक मेगा युद्ध अभ्यास करने वाला है. चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि भारत उस द्विपक्षीय समझौते का पालन करेगा जिसमें दोनों देश इस बात पर सहमत हुए है कि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास युद्ध अभ्यास नहीं करेंगे. हैरानी की बात यह है कि चीन पूर्वी लद्दाख में इसी समझौते का उल्लंघन कर रहा है. जिससे लंबे समय तक दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति रही. चीन के मिलिट्री ऑफ नेशनल डिफेंस के सीनियर कर्नल तान केफेई ने अक्टूबर में भारत और अमेरिका के विशेष सैन्य बलों द्वारा हिमालय के दक्षिणी इलाकों में यु...

चीन और भारत की नोंक-झोंक

अवर्गीकृत
- डॉ. वेदप्रताप वैदिक आजकल भारत और चीन के बीच काफी नरम-गरम नोंक-झोंक चलती नजर आती है। गलवान घाटी विवाद ने तो तूल पकड़ा ही था लेकिन उसके बावजूद पिछले दो साल में भारत-चीन व्यापार में अपूर्व वृद्धि हुई है। भारत-चीन वायुसेवा आजकल बंद है लेकिन इसी हफ्ते भारतीय व्यापारियों का विशेष जहाज चीन पहुंचा है। गलवान घाटी विवाद से जन्मी कटुता के बावजूद दोनों देशों के सैन्य अधिकारी बार-बार बैठकर आपसी संवाद कर रहे हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भारतीय और चीन के विदेश मंत्री भी आपस में मिले हैं। इसी का नतीजा है कि विदेशी मामलों पर काफी खुलकर बोलनेवाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन के विरुद्ध लगभग मौन दिखाई पड़ते रहे। यही बात हमने तब देखी, जब अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान-यात्रा पर जबरदस्त हंगामा हुआ। पेलोसी की ताइवान-यात्रा के समर्थन या विरोध में हमारे प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और विदेश...

अमेरिका ने चीन की कार्रवाई को बताया शांति और स्थिरता के खिलाफ, कहा- ताइवान की मदद रहेगी जारी

विदेश
वॉशिंगटन । अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) की हालिया ताइवान (Taiwan) यात्रा के बाद चीन (China) ने अपने इस पड़ोसी स्वायत्त क्षेत्र की कड़ी सैन्य घेराबंदी कर ली है। सैन्य अभ्यास के जरिए उसने इस द्वीप देश को डराने की कोशिश की है। इसे लेकर दोनों देशों व अमेरिका (America) के बीच तनातनी जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के उप सहायक और एशिया प्रशांत मामलों के समन्वयक कुर्ट कैंपबेल (Kurt Campbell) ने बड़ी बात कही है। दरअसल, चीन ताइवान को अपना स्वायत्त क्षेत्र मानता है, लेकिन वह एक स्वतंत्र देश के रूप में उसका अस्तित्व स्वीकार नहीं करता। वह उस पर अपना प्रभुत्व मानता है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को कैंपबेल ने कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि चीन के कदम मूल रूप से शांति व स्थिरता के खिलाफ हैं। आने वाले सप्ताहों में चीन ये कदम और तेज कर सकता है। वह ताइवान पर दबाव की कार्रवाई लगातार करता...