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UN में साजिद मीर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने लगाया अड़ंगा

UN में साजिद मीर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने लगाया अड़ंगा

विदेश
वाशिंगटन (Washington)। भारत (India) और अमेरिका (America) द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) (United Nations Security Council - UNSC) में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर (Lashkar-e-Taiba terrorist Sajid Mir) को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने मंगलवार को अड़ंगा लगा दिया। पाकिस्तान में मौजूद मीर 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों का मास्टरमाइंड है और इस मामले में भारत की ओर से वांछित है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में मीर को काली सूची में डालने और उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए तथा भारत द्वारा सह-नामित किए गए प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया। पिछले साल सितंबर में भी चीन ने संयुक्त राष्ट्र में मीर को आत...
हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2023 : अपने पहले मैच में चीन का सामना करेगा भारत

हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2023 : अपने पहले मैच में चीन का सामना करेगा भारत

खेल
चेन्नई (Chennai)। एशियन हॉकी फेडरेशन (Asian Hockey Federation) ने हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी चेन्नई 2023 (Hero Asian Champions Trophy Chennai 2023) के आगामी संस्करण के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। टूर्नामेंट की शुरुआत 3 अगस्त (Tournament begins August 3) को कोरिया और जापान के बीच पहले मैच से होगी, इसके बाद इसी दिन दूसरे मैच में पाकिस्तान का सामना मलेशिया से होगा, जबकि दिन के तीसरे मैच में मेजबान भारतीय टीम का सामना चेन्नई के मेयर राधाकृष्णन हॉकी स्टेडियम में चीन से होगा। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2023, 3 अगस्त से शुरू होगी और 12 अगस्त तक चलेगी। टूर्नामेंट में छह टीम कोरिया, मलेशिया, पाकिस्तान, जापान, चीन और भारत हिस्सा ले रहे हैं। सभी टीमें एक ही पूल का हिस्सा हैं और अंक तालिका में स्थान लीग प्रणाली द्वारा तय किए जाएंगे। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में डिफेंडिंग चैंपियंस दक्षिण कोरिया है...
ब्रिटेन में बंद हुआ चीन का खुफिया पुलिस स्टेशन

ब्रिटेन में बंद हुआ चीन का खुफिया पुलिस स्टेशन

विदेश
लंदन (London)। ब्रिटेन (Britain) में चीन का खुफिया पुलिस स्टेशन (China's secret police station) को बंद कर दिया गया है। यह जानकारी संसद में ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री टॉम तुगेंदत (British Security Minister Tom Tugendhat) ने एक लिखित बयान में दिया है। सुरक्षा मंत्री ने लिखित बयान में कहा कि विदेशी राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ने चीनी दूतावास से कहा है कि ब्रिटेन में ऐसे 'पुलिस सेवा स्टेशनों' से संबंधित कोई भी कार्य अस्वीकार्य है और उन्हें किसी भी रूप में काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों की हिफाजत के लिए होती है। हरेक राज्य की अपनी-अपनी पुलिस फोर्स होती है। लेकिन क्या हो अगर कि कोई अन्य देश की पुलिस चौकी भी किसी और देश में खोल ली जाए। दरअसल, यह खबर आई थी कि जिसमें दावा किया गया था कि चीन की तरफ से ब्रिटेन में पुलिस स्टेशन खोल दिया गया था। जिसके बाद ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री टॉम तु...
अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ सिंगापुर बैठक में शामिल होने से चीन का इनकार

अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ सिंगापुर बैठक में शामिल होने से चीन का इनकार

विदेश
बीजिंग (Beijing)। चीन (China) ने अमेरिकी रक्षा मंत्री (US Defense Minister) के साथ बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की यह बैठक इसी सप्ताह सिंगापुर (Singapore) में होनी थी। इसी माह अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन (US Defense Secretary Lloyd Austin) और चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफु (Chinese Defense Minister Li Shangfu) के बीच सिंगापुर में बैठक होनी थी। अब अचानक चीन ने इस बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने बयान में बताया कि चीन ने इस बैठक को रद्द करने की सूचना दी है। साथ ही पेंटागन की ओर से कहा गया कि अमेरिका खुली बातचीत में विश्वास रखता है और कोशिश है कि प्रतिस्पर्धा, संघर्ष में ना बदले। चीन और अमेरिका के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव और व्यापार विवाद को देखते हुए दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच होन...
चीन से तनाव के बीच आज बाइडन से मिलेंगे फिलीपीन्स के राष्ट्रपति मार्कोस

चीन से तनाव के बीच आज बाइडन से मिलेंगे फिलीपीन्स के राष्ट्रपति मार्कोस

विदेश
वाशिंगटन (Washington)। राष्ट्रपति जो बाइडन (President Joe Biden) सोमवार को फिलीपीन्स (President of the Philippines) के अपने समकक्ष फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (Ferdinand Marcos Jr.) की व्हाइट हाउस में मेजबानी करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिण चीनी सागर में फिलीपीन्स के पोतों की चीनी नौसेना की ओर धमक बढ़ रही है। मार्कोस की वाशिंगटन यात्रा पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच हुए सबसे बड़े युद्धाभ्यास के बाद हो रही है। अमेरिका और फिलीपीन की वायुसेनाएं सोमवार को 1990 के बाद से पहली बार संयुक्त लड़ाकू प्रशिक्षण शुरू करेंगी। फिलीपीन्स ने इस साल अमेरिका को अपने चार सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। वाशिंगटन रवाना होने से पहले मार्कोस ने कहा कि वह अमेरिका के साथ विस्तृत क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं, जो न केवल हमारे समय की चिंताओं क...
भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना अमेरिका, चीन दूसरे स्थान पर

भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना अमेरिका, चीन दूसरे स्थान पर

देश, बिज़नेस
-वित्त वर्ष 2022-23 में भारत का अमेरिका के साथ कारोबार 8 फीसदी बढ़ा नई दिल्ली (New Delhi)। भारत (India) का अमेरिका (America) के साथ वित्त वर्ष 2022-23 में सबसे ज्यादा व्यापार (Highest business in the financial year 2022-23) हुआ है। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब आठ फीसदी (Bilateral trade increased by almost eight percent) बढ़कर 128.55 अरब डॉलर ($ 128.55 billion) हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में यह 119.5 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान दोनों देशों में आर्थिक संबंध और मजबूत हुए हैं। वहीं, इस मामले में चीन दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2022-23 में 7.65 फीसदी की वृद्धि के साथ 128.55 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व...
चीन की गीदड़ भभकी पर क्यों परेशान हों

चीन की गीदड़ भभकी पर क्यों परेशान हों

अवर्गीकृत
- डॉ. रमेश ठाकुर चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न जगहों का नाम बदलने का एक ऐसा शिफूगा छोड़ा है जिसमें ना आवाज है और न चिंगारियां। फिलहाल यह पहली मर्तबा नहीं हुआ है जब उसने इन जगहों के नाम बदलने की कोशिश की हो। पूर्व में भी वह ऐसी ओछी हरकतें कर भारत को उकसाने का काम किया। उसकी इस गीदड़ भभकी को ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। पर, सतर्कता बरतनी बेहद जरूरी है। दुश्मन चाहे, कमजोर हो या ताकतवर, हल्के में नहीं लेना चाहिए। केंद्र की खुफिया एजेंसियों और अरुणाचल प्रदेश की लोकल इंटेलिजेंस को पैनी निगरानी उन क्षेत्रों पर रखनी होगी, जिनका नाम बदलने का जिक्र किया है। सैन्य पहरा भी जरूरी है क्योंकि यही वो भाग है जिसपर दुश्मन की कई दर्शकों से नजर है। चीन ने अपने सरकारी अखबार के जरिए जो ये विवादित बात कही है, उसके परिणाम दूरगामी भी हो सकते हैं। क्योंकि इस बार उनकी बाकायदा मीटिंग में नाम तय किए ग...
चीन में मुस्लिमों की दुर्दशा पर कब आवाज उठाएंगे ईरान-सऊदी

चीन में मुस्लिमों की दुर्दशा पर कब आवाज उठाएंगे ईरान-सऊदी

अवर्गीकृत
- आर.के. सिन्हा बताया जा रहा है कि एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे सऊदी अरब और ईरान ने अपनी सारी पुरानी अदावत को भूलकर दोस्ती करने का फैसला किया है। इन दोनों देशों को करीबी लाने का श्रेय अब हैरानी की बात यह है कि चीन को दिया जा रहा है। दरअसल सऊदी अरब में एक शिया मौलवी को 2016 में फांसी की सजा दी गई थी और इसी मुद्दे पर 2016 में सऊदी अरब और ईरान के कूटनीतिक संबंध खत्म हो गए थे। तब से ये दोनों देश एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन गए थे। सऊदी अरब खुद को सरी दुनिया के सुन्नी मुसलमानों का रहनुमा मानता है और ईरान अपने को शिया मुसलमानों का। ऐसे में इन दोनों के कूटनीतिक रिश्ते बहाल करने के फैसले से सारी दुनिया कुछ हैरान तो अवश्य है। आप जानते हैं कि दोनों ही देश तेल उत्पादक देश हैं। दोनों ही देश अपने व्यवसायिक दिलचस्पी के वर्चस्व की लड़ाई लड़ते हैं पर यहां एक जरूरी चिंता को नजरअंदाज किया जा रहा है। क्या सऊदी...
ईरान-सऊदी अरब की दोस्ती के मायने

ईरान-सऊदी अरब की दोस्ती के मायने

अवर्गीकृत
- डॉ. वेदप्रताप वैदिक मेरी समझ में विदेश नीति के मामले में चीन, भारत से कुछ आगे निकल रहा है, इसका ताजा उदाहरण हमारे सामने है। हम चीन को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपना प्रतिद्वंद्वी समझते हैं और अपनी जनता को यह समझाते रहते हैं कि देखो, हम चीन से कितने आगे हैं लेकिन शुक्रवार को ईरान और सऊदी अरब के बीच जो समझौता हुआ है, उसका सारा श्रेय चीन लूट रहा है। पिछले सात साल से ईरान और सऊदी अरब के बीच राजनयिक संबंध भंग हो चुके थे, क्योंकि सऊदी अरब में एक शिया मौलवी की हत्या कर दी गई थी। ईरान एक शिया राष्ट्र है। तेहरान स्थित सऊदी राजदूतावास पर ईरानी शियाओं ने जबरदस्त हमला बोल दिया था। सऊदी सरकार ने कूटनीतिक रिश्ता तोड़ दिया। इस बीच सऊदी अरब और ईरान पश्चिम एशियाई देशों के आंतरिक मामलों में एक-दूसरे के विरुद्ध हस्तक्षेप भी करते रहे। यमन, सीरिया, एराक और लेबनान जैसे देशों में एक-दूसरे के समर्थकों को सैन्...