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पीपीएफ खातों में ‘नॉमिनी’ से जुड़ी जानकारी में बदलाव के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा: वित्त मंत्री

पीपीएफ खातों में ‘नॉमिनी’ से जुड़ी जानकारी में बदलाव के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा: वित्त मंत्री

देश, बिज़नेस
नई दिल्ली। सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खातों के लिए ‘नॉमिनी’ बनाने, जोड़ने या उसमें कोई बदलाव करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, क्योंकि सरकार ने अधिसूचना के जरिए कई आवश्यक बदलाव किए हैं। लघु बचत योजनाओं के लिए नामांकन रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए 50 रुपये का शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने गुरुवार को ‘एक्स’ पोस्‍ट पर जारी बयान में लिखा, हाल ही में पीपीएफ खातों में ‘नॉमिनी’ व्यक्ति के विवरण को जोड़ने या संशोधित करने के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा शुल्क लेने की जानकारी मिली है। दरअसल ‘नॉमिनी’ के पास मूल खाताधारक की राशि पर कानूनी अधिकार होता है। सीतारमण ने कहा कि पीपीएफ खातों के लिए नामांकित व्यक्तियों के अपडेशन पर किसी भी तरह के शुल्क को हटाने के लिए 2 अप्रैल की राजपत्र अधिसूचना के जरिए सरकारी बचत संवर्धन सामान्य नियम 2018 में आवश्यक बदलाव किए गए हैं...
इस बार भी रेपो रेट में बदलाव की उम्‍मीद कम, केंद्र ने एमपीसी का किया पुनर्गठन

इस बार भी रेपो रेट में बदलाव की उम्‍मीद कम, केंद्र ने एमपीसी का किया पुनर्गठन

देश, बिज़नेस
- एमपीसी में राम सिंह, सौगत भट्टाचार्य और नागेश कुमार नए सदस्य नियुक्त नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) (Reserve Bank of India (RBI) की नीतिगत दर तय करने वाली संस्‍था मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) (Monetary Policy Committee (MPC) का पुनर्गठन कर दिया है। एमपीसी की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक सात से नौ अक्टूबर तक होगी। इस बार भी नीतिगत ब्‍याज दर रेपो रेट (Policy interest rate repo rate) में बदलाव की उम्‍मीद नहीं है। वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक, आरबीआई की नीतिगत दर निर्धारण वाली एमपीसी में राम सिंह, सौगत भट्टाचार्य और नागेश कुमार को नया बाहरी सदस्य नियुक्त किया गया है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति के पुनर्गठन को नोटिफाई किया है। इन नए सदस्‍यों की नियुक्ति चार साल के लिए की गई है। आरबीआई ...
भारतीय कूटनीतिक नजरिए से कितना अहम है ब्रिटेन का सत्ता परिवर्तन

भारतीय कूटनीतिक नजरिए से कितना अहम है ब्रिटेन का सत्ता परिवर्तन

अवर्गीकृत
- डॉ. रमेश ठाकुर ब्रिटेन में बेशक कड़ाके की ठंड पड़ रही हो, लेकिन आम चुनाव के परिणाम ने अचानक मौसम को गरमा दिया है। वहां राजनीति इतिहास का नया पन्ना लिखा जाएगा, क्योंकि सियासत की नई सुबह का आगाज हुआ है। चुनाव का ऐसा रिजल्ट, जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने भी नहीं सोचा होगा। ब्रिटेनवासियों ने एकतरफा फैसला विपक्ष के हक में सुना डाला। चुनाव में विजय हासिल करने वाली लेबर पार्टी ने ब्रिटेन के सियासी इतिहास में पूर्व में जीत के सभी रिकॉर्ड तोड़ डाले। रिजल्ट देखकर पार्टी प्रमुख कीर स्टार्मर फूले नहीं समा रहे। समाना चाहिए भी नहीं। आखिर उनका सपना जो सच हो रहा है। प्रधानमंत्री का ताज उनके सिर पर सजेगा। ब्रिटेन की नेशनल असेंबली में अभी तक वह नेता विपक्ष की भूमिका में थे। विपक्ष के तौर पर उन्होंने जो जनकल्याणी मुद्दे कुरेदे। उनको देशवासियों ने पसंद किया। चुनावी समर मे...
पीएचडी की बदलेगी अब सूरत-सीरत

पीएचडी की बदलेगी अब सूरत-सीरत

अवर्गीकृत
- प्रो. श्याम सुंदर भाटिया पीएचडी करने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन-यूजीसी से बड़ी खबर आ रही है। या यूं कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए, पीएचडी की चाह रखने वाले के लिए यूजीसी ने अब नई संजीवनी से लबरेज नायाब तोहफा दिया है। 2024-25 से पीएचडी में प्रवेश के लिए अब केवल एक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा- नेट देनी होगी। यह नई शिक्षा नीति-2020 का अहम हिस्सा है। उच्च शिक्षा के शीर्ष संस्थान के इस कदम से देशभर में कई प्रवेश परीक्षाओं की अब जरूरत नहीं रहेगी। नेट परीक्षा प्रावधानों की समीक्षा के लिए नियुक्त एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। यूजीसी की हाल ही में हुई 578वीं बैठक के दौरान इस बड़े बदलाव को हरी झंडी दे दी गई। यूजीसी ने इसे जून से ही क्रियान्वित करने का ऐलान किया है। उल्लेखनीय है, एनईपी-2020 को लागू करने की सिफारिशों के...
विधानसभा चुनावों की तपन और रुख बदलती सियासी पवन

विधानसभा चुनावों की तपन और रुख बदलती सियासी पवन

अवर्गीकृत
- ऋतुपर्ण दवे पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस और भाजपा में जिस तरह से उठापटक का नजारा दिख रहा है वो नया नहीं है। लेकिन नवंबर-2023 में होने जा रहे पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव जरूर तमाम रणनीतिक गतिविधियों के चलते अलग नजर आ रहे हैं। जिस रास्ते भाजपा और काँग्रेस चल रही है वह खुद बड़ा संकेत है। भाजपा ने भले मध्य प्रदेश से बेहद पुरानी शुरुआत को नए लिबास में कर तीनों अहम हिन्दी पट्टी राज्यों में भी प्रयोग दोहरा, मौजूदा सांसदों या केन्द्रीय मंत्रियों को जंग में उतार तमाम दिग्गजों सहित खुद भाजपाइयों को अचरज में डाल दिया। इसकी खबर प्रत्याशी के सिवाय किसी को कानों कान नहीं थी। इसी तरह काँग्रेस ने भी भाजपा से आए लोगों को टिकट देने में गुरेज न कर बड़ा दाँव खेला है। अब दोनों ही दल कार्यकर्ताओं के विरोध को झेल रहे हैं। लेकिन आखिर में हमेशा की तरह सब ठीक हो...
राजस्थान में बदलाव की बयार

राजस्थान में बदलाव की बयार

अवर्गीकृत
- रमेश सर्राफ धमोरा राजस्थान में पिछले तीस वर्ष से हर पांच साल बाद सत्ता बदलने का रिवाज चला आ रहा है। अगले महीने होने वाले राजस्थान विधानसभा के चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी हर बार राज बदलने के रिवाज को बनाए रखने का प्रयास कर रही है। वही सत्तारूढ़ कांग्रेस फिर से सरकार बनाकर रिवाज बदलना चाहती है। चुनाव में दोनों ही पार्टियों पूरे दमखम के साथ उतरने जा रही है। तीसरे मोर्चे के रूप में बसपा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन, भारतीय आदिवासी पाटी, वामपंथी पार्टियां जैसे छोटे राजनीतिक दल भी प्रदेश की राजनीति में तीसरी शक्ति बनकर सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेना चाहते हैं। राजस्थान में पिछले 30 वर्ष से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस की मुख्य धुरी बने हुए हैं। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत के इर्द-गिर्द ही कांग्रेस की राजनीति घूमती ...
जनता की जिंदगी बदलने के लिए नहीं छोड़ी जाएगी कमी: शिवराज

जनता की जिंदगी बदलने के लिए नहीं छोड़ी जाएगी कमी: शिवराज

देश, मध्य प्रदेश
- मुख्यमंत्री ने चरण पादुका योजना में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरित की चरण पादुका, साड़ी, पानी की बॉटल भोपाल (Bhopal)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चरण पादुका योजना में चरण पादुका के साथ-साथ पीने के पानी की बॉटल, साड़ी एवं छाते के लिए 200 रुपये दिए जा रहे हैं। मैं सरकार नहीं परिवार चलाता हूँ, परिवार की चिंता करना मेरा धर्म है। सारे भाई-बहन मेरा परिवार हैं। भाई-बहन के पांव में कांटा न चुभे, इसके लिए भाइयों को जूता एवं बहनों को चप्पल पांव में पहचाने का कार्य कर रहे हैं। जनता की जिंदगी बदलने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। जनता की सहमति के बिना कोई बांध नहीं बनेगा, किसी की जमीन जाने नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान शुक्रवार शाम को डिंडोरी में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां 182 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, क...
कनाडा बदले भारत विरोधी नीति

कनाडा बदले भारत विरोधी नीति

अवर्गीकृत
- प्रभुनाथ शुक्ल भारत और कनाडा के रिश्ते तल्ख को चले हैं। जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बीच मुलाकात में कनाडा की धरती से संचालित भारत विरोधी गतिविधियों को बंद करने की नसीहत दी गयी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ तौर पर कह दिया था कि कनाडा को खालिस्तान जैसे आतंकी संगठन पर कठोर कदम उठाने होंगे। लगता है भारत की नसीहत जस्टिन ट्रूडो को अच्छी नहीं लगी। सम्मेलन से वापस लौटने के बाद बगैर सबूत के हरजीत सिंह निज्जर की हत्या का आरोप उन्होंने भारत पर मढ़ दिया। हालाँकि भारत ने इससे साफ तौर से इनकार किया है। लेकिन यह कनाडा की राजनीतिक चाल है। जस्टिन सरकार कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के सिख समुदाय की सहानुभूति लेना चाहती है। जबकि सच यह है कि सरकार अभी तक यह पता ही नहीं लगा पाई की निज्जर की हत्या क्यों और किसने की। इस मामले कनाडा जाँच आयोग क्यों नहीं ...
भारत के कृषि क्षेत्र को बदल सकता है पीएमकेएसके

भारत के कृषि क्षेत्र को बदल सकता है पीएमकेएसके

अवर्गीकृत
- डॉ. मनसुख मंडाविया आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, देश की लगभग 65% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और 47% आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। कृषि एक समयबद्ध गतिविधि है जिसमें उत्पादन और उत्पादकता को अधिकतम करने के लिए सही समय पर सही कृषि-इनपुट की आवश्यकता होती है। कृषि-इनपुट कृषि के आवश्यक तत्व हैं और एक कुशल वितरण प्रणाली कृषि आय की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में इनपुट सेवाओं का नेटवर्क बिखरा हुआ है और साइलो में बीज, उर्वरक, कीटनाशकों और उपकरणों के लिए अलग-अलग डीलर नेटवर्क काम कर रहे हैं। इसके अलावा, मिट्टी, बीज, उर्वरक की जांच की सुविधाएं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से असंबद्ध और टुकड़ों में किसानों तक पहुंचती है। यह व्यवस्था एक समुचित निर्णय लेने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समग्र जानकारी प्रदान करने में विफल रहता है। जिसका समाध...