
नई दिल्ली। राजधानी की आबोहवा एक बार फिर बिगड़ गई है। बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांंक(एक्यूआई) 217 दर्ज किया। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बुधवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के स्टेज-1 की पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश जारी किया है। सीएक्यूएम ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया है।
सीएक्यूएम की सब-कमेटी ने बुधवार को बैठक कर दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता परिदृश्य की समीक्षा की। आईएमडी व आईआईटीएम की भविष्यवाणी व दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के बढ़ते स्तर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आज दिल्ली का एक्यूआई 217 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान भी दर्शाता है कि आगामी दिनों में कम वेंटिलेशन कॉफिशिएंट, हवा की गति में कमी व प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है।
क्या हैं पाबंदियां
ग्रैप के स्टेज-1 के तहत निर्माण और धूल प्रदूषण नियंत्रण, खुले स्थानों और सड़कों पर धूल के स्तर को कम करने के लिए उपाय किए जाएंगे। सभी संबंधित एजेंसियों को कड़ाई से इन नियमों का पालन करने व एक्यूआई को और अधिक गिरने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से निर्माण व विध्वंस गतिविधियां, सड़कों और खुले क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा था कि यदि एक्यूआई 200 से ऊपर होता है तो ग्रैप एक की पाबंदियां लागू होंगी। अगर 300 से ऊपर एक्यूआई चला जाए तो ग्रैप दो की पाबंदियां लागू की जाती हैं। एक्यूआई 350 से अधिक होता है तो स्टेज-III और यदि 400 से अधिक होता है तो स्टेज-IV के उपाय लागू किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ग्रैप एक की पाबंदियां हटाईं गई थी।