
उज्जैन, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त करने के अभियान के हिस्से के रूप में नगर निगम की टीम रविवार सुबह लगभग 5 बजे जयसिंहपुरा में नरसिंह घाट के पास स्थित महासिद्ध आश्रम (एमएस सुकृत ट्रस्ट) पर पहुँची। आश्रम के परिसर में हाल ही में तीन अलग‑अलग पक्के भवन बनाकर जमीन पर अतिक्रमण किया गया था, जिन्हें अवैध निर्माण कहा गया। इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। तीन पोकलैंड मशीनों की मदद से इन नई निर्मित इमारतों के कुछ हिस्सों को तोड़ा गया।
भवन के अंदर आश्रम का सामान रखे होने की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने उसे बाहर निकालने के लिये समय दिया और कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोका। समय सीमा समाप्त होने के बाद शेष अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
भवन अधिकारी राजकुमार राठौर के अनुसार, सिंहस्थ के लिये सुरक्षित रखी गई जमीन पर इन तीन पक्के भवनों का निर्माण हुआ था। “हमने आश्रम संचालक को दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाया गया, इसलिए रविवार सुबह现场 कार्रवाई करनी पड़ी,” उन्होंने कहा।
पहले भी दो दिन पहले सत्यगिरी महाराज के आश्रम में समान अतिक्रमण हटाने के लिये नगर निगम ने कार्रवाई की थी। वह परिसर भी पोकलैंड मशीन की सहायता से ध्वस्त किया गया था।
प्रशासन ने कहा कि सिंहस्थ क्षेत्र में सुरक्षित भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माणों को हटाने के लिये यह अभियान जारी रहेगा और भविष्य में ऐसी ही कार्रवाई दोहराई जाएगी।
