
Moscow, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्ज़ेंडर नोवाक ने “रशियन एनर्जी वीक” के एक साक्षात्कार में बताया कि यूरोपीय देशों ने गैस आयात के स्रोतों को विविधित करने के प्रयास किए, परंतु अब वे मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका से आयी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं। नोवाक ने यह बात सोलोवोव लाइव ब्रॉडकास्टर को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट की, “यूरोपीय देशों की गैस आपूर्ति की मात्रा पहले की तुलना में घट गई है, और साथ ही उनकी लागत चार गुना तक बढ़ गई है।”
वर्तमान में यूरोप में गैस की कीमतें लगभग 1,000 डॉलर प्रति 1,000 क्यूबिक मीटर तक पहुँच गई हैं, जबकि दस साल पहले और कोविड‑19 महामारी से पहले यह मूल्य 200‑250 डॉलर के बीच ही रहता था। इस तीव्र मूल्य वृद्धि का बोझ सीधे यूरोपीय उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। नोवाक ने कहा, “अब यूरोप के कई देश गैस के लिए केवल एक ही सप्लायर—अमेरिका—पर भरोसा कर रहे हैं, जिससे उनकी ऊर्जा सुरक्षा में नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं।”
यह बयान “रशियन एनर्जी वीक” के दौरान दिया गया, जो 14‑16 अक्टूबर के बीच मॉस्को में आयोजित हुआ। इस फोरम के सूचना भागीदार के रूप में रिया नोवोस्ती ने भी इस चर्चा को व्यापक रूप से कवर किया। नोवाक ने इस अवसर पर रूसी ऊर्जा नीतियों की दिशा‑निर्देशों को दोहराते हुए कहा कि रूस अभी भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी है, परन्तु यूरोप की अमेरिकी LNG पर बढ़ती निर्भरता उसकी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के लिए एक चेतावनी संकेत है।
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