Sunday, October 18खबर जो असर करे |
Shadow

मस्क के स्पेसएक्स सैटेलाइट प्रतिबंध से यूक्रेन के ड्रोन पर असर, जेलेंस्की का बयान

कीव और वाशिंगटन, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने बताया कि स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट सिस्टम के उपयोग पर अभी भी कुछ प्रतिबंध मौजूद हैं। इस कारण देश की सेना रूसी हमलावर ड्रोन को रोकने के लिए अपने ड्रोन का उपयोग नहीं कर पा रही है और न ही फ्रंट लाइन पर तैनात सैनिकों तक आवश्यक सामान पहुँचाने के लिए इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर पा रही है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये प्रतिबंध ट्रम्प प्रशासन के किसी राजनीतिक निर्णय के कारण हैं या फिर मस्क की वजह से।

एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में ट्रम्प प्रशासन और स्पेसएक्स के अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। एक यूक्रेनी अधिकारी ने कहा, “स्पेसएक्स कंपनी का कहना है कि यह एक तकनीकी समस्या है। लेकिन कंपनी में हमारे संपर्क सूत्र बताते हैं कि यह वाइटहाउस की तरफ से हो रहा है। जब हम वाइटहाउस से पूछते हैं, तो वे कहते हैं कि यह मस्क की तरफ से है।”

मस्क ने बुधवार को एक्स पोस्ट पर लिखा कि ‘स्टारशील्ड’ सिस्टम में रुकावट डालने में अमेरिकी सरकार शामिल थी। उन्होंने लिखा, “स्टारशील्ड सिस्टम अमेरिकी सरकार के स्वामित्व में है और उसी के नियंत्रण में है। इसकी स्पीड या इस्तेमाल पर कोई भी पाबंदी अमेरिकी सेना और अंततः अमेरिकी राष्ट्रपति तय करते हैं।” राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन के इस सिस्टम के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने में वाइटहाउस का कोई हाथ नहीं है।

यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध लगने से पहले स्टारलिंक और स्टारशील्ड नेटवर्क उन ड्रोन पर भी काम करते थे जो 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते थे। अब इसे 161 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित कर दिया गया है। जेलेंस्की ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि देश की सेना ने शुक्रवार को यूरोपीय संघ के देशों में कारों के जरिए इस सिस्टम का परीक्षण किया। जब कारें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं, तब भी सैटेलाइट सिस्टम काम कर रहा था। लेकिन जैसे ही कारें यूक्रेन की सीमा में दाखिल हुईं, 161 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर सिस्टम डिस्कनेक्ट हो गया।

जेलेंस्की ने निष्कर्ष निकाला कि ये प्रतिबंध यूक्रेन के अंदर तो लागू हैं, लेकिन यूरोपीय संघ के देशों में नहीं। उन्होंने कहा, “दूसरे शब्दों में कहें तो, यह एक सुनियोजित कदम है।” उन्होंने स्पेसएक्स के इस दावे पर भी संदेह जताया कि स्पीड लिमिट तकनीकी समस्याओं की वजह से लगी है।

उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार शाम भारत यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा “उन्हें यकीन नहीं है कि जेलेंस्की को पता भी है कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं।” रुबियो ने कहा कि अमेरिकी सरकार में किसी ने भी स्टारलिंक की स्पीड कम करने का आदेश नहीं दिया था।

उल्लेखनीय है कि यूक्रेनी सेना अपने टोही और इंटरसेप्टर ड्रोन को नियंत्रित करने और चलाने के लिए स्पेसएक्स के ‘स्टारलिंक’ सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करती है। यूक्रेन दो सैटेलाइट सिस्टम पर निर्भर है: एक है स्पेसएक्स का ‘स्टारलिंक’, जिसका इस्तेमाल संचार, थल सेना, लॉजिस्टिक्स और रक्षात्मक ड्रोन के लिए किया जाता है; दूसरा है ‘स्टारशील्ड’, जिसे अमेरिकी सरकार नियंत्रित करती है और इसका इस्तेमाल आक्रामक सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है। जेलेंस्की ने बताया कि शुक्रवार को यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार रुस्तम उमेरोव ने ट्रम्प के सलाहकार और दूत जेरेड कुशनर से बात की, जिसमें ‘स्टारलिंक’ के मुद्दे पर चर्चा हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *