
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के द्वारा राजनीतिक दलों को मतदाता सूची सर्च करने योग्य प्रारूप में उपलब्ध कराने के recent फैसले को लेकर केंद्र सरकार तथा आयोग दोनों पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से इस मांग को दोहराते आ रहे हैं, परन्तु आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया।
रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तिफे की मांग दोहराते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तत्काल रोकने तथा चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली में व्यापक बदलाव की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा, “यदि आयोग ने 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा उठाए गए कथित फर्जी मतदाताओं के मामले के बाद मतदाता सूची का सर्च करने योग्य प्रारूप देना बंद कर दिया, तो यह व्यवस्था चुनाव में धांधली को छिपाने के लिये उपयोग की जा सकती है।”
रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 15 अक्टूबर को आयोग ने आदेश जारी करके 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दो साल के अंतराल के बाद शुरू हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के लिये राजनीतिक दलों को सर्च‑योग्य स्वरूप में मतदाता सूची उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। कांग्रेस ने लंबे समय से इस स्वरूप की मांग की थी, परंतु आयोग ने इसे बार‑बार खारिज किया।
रमेश ने कहा कि “केवल मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा ही समस्या का समाधान नहीं करेगा; चुनाव आयोग और उसकी आईटी प्रणाली में गहन सुधार आवश्यक है।” उन्होंने एसआईआर को “तुरंत निलंबित” करने की भी पुकार की, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसे की पुनःस्थापना हो सके।
