
गंगटोक, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। केरल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने के बाद ओमप्रकाश माथुर ने अपने पदत्याग के अवसर पर शनिवार शाम सम्मान भवन में एक विदाई रात्रिभोज किया। इस कार्यक्रम के बाद रविवार सुबह लोक भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ औपचारिक विदाई समारोह आयोजित हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने माथुर जी के प्रति गहरा सम्मान, आभार और शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा, “राज्यपाल माथुर ने अपने कार्यकाल के दौरान सिक्किम की जनता को अमूल्य मार्गदर्शन, आत्मीयता और अटूट प्रतिबद्धता प्रदान की। उनका स्नेह और राज्य के विकास तथा जनकल्याण के क्षेत्र में योगदान गहरी छाप छोड़ गया है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मातुर जी ने संवैधानिक प्रमुख की जिम्मेदारी निभाते हुए एक मार्गदर्शक और शुभचिंतक के रूप में जनता का विश्वास और स्नेह हासिल किया, और उनका संवेदनशील दृष्टिकोण, गरीबों व वंचित वर्गों के प्रति चिंता, तथा ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान दिया गया मार्गदर्शन राज्य पर स्थायी प्रभाव छोड़ गया।
भारी मन से विदाई देते हुए तमांग ने माथुर जी को अच्छा स्वास्थ्य, सुख, शांति और आगामी जिम्मेदारियों में निरंतर सफलता की कामना की, तथा भरोसा जताया कि सिक्किम के साथ उनका विशेष संबंध हमेशा बना रहेगा। शनिवार शाम के विदाई रात्रिभोज में राज्यपाल के कार्यकाल में सिक्किम की जनता के प्रति उनके स्नेह, समर्पण और विकास कार्यों को याद किया गया।
रविवार सुबह के औपचारिक विदाई में माथुर जी ने सिक्किम में अपने समय को “जीवन का स्वर्णिम काल” कहा, और राजभवन के सभी कर्मचारियों तथा राज्य की जनता के स्नेह, सम्मान और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यहाँ बिताए दिन उनके हृदय में हमेशा जीवित रहेंगे।
यह उल्लेखनीय है कि ओमप्रकाश माथुर को अब केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त राज्यपाल गौतम का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार, 19 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।
