
रायगढ़, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पूर्वांचल के रायगढ़ जिले में शारदीय नवरात्र की धूम निरंतर चल रही है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की अंतरराज्यीय सीमाओं के निकट स्थित विभिन्न तीर्थस्थलों पर माँ दुर्गा के दरबार सजाए गए हैं और श्रद्धालु धूप-दीप जलाकर अपनी कामना व्यक्त कर रहे हैं।
चंडी डोंगरी में तीसरी बार माँ रामचंडी के पूजन के लिये नवरात्र महोत्सव आयोजित किया गया है। इस आयोजन को रामचंडी सेवा समिति और स्थानीय ग्रामवासियों के सहयोग से नौ दिवसीय पूजा‑अर्चना में रूपांतरित किया गया, जिसमें दूर‑दूर से भक्तों की बड़ी संख्या पहुंची। इस स्थल पर माँ रामचंडी के मंदिर निर्माण की भी पहल चल रही है। उसी क्षेत्र में आयोजित नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोलता समाज सामुदायिक भवन के लिये 30 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की, जिसके लिये कोलता समाज और रामचंडी सेवा समिति ने मुख्यमंत्री को हार्दिक धन्यवाद दिया।
सीमा के पास स्थित माँ मानकेश्वरी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जबकि घने धनुबांस जंगल के बीच में स्थित माँ बंजारी माई के दरबार में दोनों राज्यों के भक्त दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पंडरीपानी में स्थित माँ महालक्ष्मी मंदिर में भी नवरात्र की रौनक अपने चरम पर है।
इसी दौरान महापल्ली में ऐतिहासिक 45वां दुर्गा पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन की जिम्मेदारी तपस्विनी राजेश किसान अध्यक्षता वाली समिति ने संभाली है। 21 अक्टूबर की संध्या को आज़ाद क्लब द्वारा रावण दहन तथा रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ओडिशा की लोकप्रिय कीर्तन गायिका श्रेया मेहर की टीम भी अपने प्रस्तुति से माहौल को सजीव कर देगी। इन सभी कार्यक्रमों ने पूर्वांचल के नवरात्र को भक्तिमय और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बना दिया है।
