
Raipur, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। नवरात्रि के पावन अवसर पर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के विभिन्न गरबा और नवरात्रि महोत्सवों में भाग लेकर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ दुर्गा के प्रति अपने आभार प्रकट करते हुए कहा कि नवरात्रि का यह पर्व नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है।
मुख्यमंत्री साय कालीबाड़ी स्थित माँ काली मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने माता के दर्शन‑पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ गूर्जर क्षत्रिय समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में उसी समाज के नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ढोलिडा रास गरबा‑2026 में भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के दौरान भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के माहौल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नौ दिन माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना हमें साहस, संयम और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करती है। वह यह भी कहते हैं कि नवरात्रि हमारी सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करती है और समाज में प्रेम, सद्भाव व समरसता को बढ़ाती है।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने गरबा को सिर्फ नृत्य के रूप में नहीं, बल्कि माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा की सुंदर अभिव्यक्ति के रूप में वर्णित किया। उन्होंने बताया कि गुजरात से उत्पन्न गरबा आज पूरे देश में मनाया जाता है और यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ मातृशक्ति की पावन भूमि है, जहाँ माँ दंतेश्वरी, माँ बम्लेश्वरी, माँ महामाया और माँ चंद्रहासिनी का पूजन प्रचलित है। नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।
“विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक और
