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बीमा का 50 लाख बोनस दिलाने का झांसा देकर ठगे 21 लाख रुपए

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बिलासपुर

ठग गिरोह ने रेशम विभाग के रिटायर्ड अफसर को बीमा पालिसी का 50 लाख रुपए बोनस दिलाने का झांसा दिया। फिर अपने बैंक अकाउंट 21 लाख 22 हजार रुपए डलवा लिए। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उनकी रिपोर्ट पर सिविल लाइन पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार इमलीपारा स्थित एयरटेल टॉवर के पीछे रहने वाले सुरेश कुमार चौबे पिता आरपी चौबे (62) रेशम विभाग के रिटायर्ड अफसर हैं। बीते 24 जनवरी को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाली ने अपना नाम नेहा गोयल बताते हुए खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया। साथ ही कहा कि उनके बीमा पालिसी का समय हो गया है और राशि का भुगतान किया जाना है। उन्हें 50 लाख रुपए बतौर बोनस मिलेगा। इस रकम को उनके खातों में जमा करने के लिए कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद किश्तों में उन्हें रकम मिल जाएगी। श्री चौबे उनके झांसे में आ गए। लिहाजा, बताए गए बैंक खातों में उन्होंने किश्तों में रकम जमा करना शुरू कर दिया।

इस बीच उन्हें अलग-अलग 7 बैंक खाते दिए गए, जिसमें उन्होंने किश्तों में 10 जून 2017 तक 21 लाख 22 हजार रुपए जमा कर दिए। साथ ही उन्हें यह भी झांसा दिया गया कि उक्त राशि भी उन्हें बाद में उनके एकाउंट में जमा कर दी जाएगी। श्री चौबे ने शिकायत में बताया कि उक्त राशि अरविंद सिन्हा, सुरेश कुमार, श्रीमती सुमन सिंह सहित अन्य के खातों में जमा कराई गई है। शुरुआत में श्री चौबे ने कुछ एकाउंट में राशि जमा की। लेकिन, उन्हें बाद में गड़बड़ी का आभास हुआ, तब उन्होंने रकम जमा नहीं करने पर बोनस राशि नहीं मिलने का प्रलोभन दिया।

50 लाख रुपए पाने के लालच में आकर श्री चौबे रकम जमा कराते रहे। फिर बाद में अचानक नेहा गोयल ने मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद श्री चौबे लगातार फोन करने का प्रयास करते रहे। मोबाइल बंद मिलने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ और थक-हारकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत जांच के दौरान उनके द्वारा जमा कराई गई रकम की बैंक स्टेटमेंट निकलवाया। फिर मामले में धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया।

दिल्ली से संचालित हो रहा है गिरोह

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रिटायर्ड अफसर श्री चौबे ने जितने बैंक अकाउंट में राशि जमा कराई है, वह दिल्ली स्थित अलग-अलग बैंकों का है। इससे पुलिस को शक है कि ठग गिरोह दिल्ली में बैठकर श्री चौबे को अपना शिकार बनाते रहे। पुलिस की साइबर सेल मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच कर रही है।

ठगों के खाते में जमा हो गई रिटायरमेंट की राशि

श्री चौबे ने पुलिस को बताया कि शासकीय सेवा के बाद कुछ समय पहले ही उनकी सेवानिवृत्ति हुई है। लिहाजा, रिटायरमेंट की राशि को उन्होंने बैंक में जमा कर दिया था। 50 लाख रुपए पाने के लालच में आकर इतनी बड़ी रकम को उन्होंने ठगों के खातों में जमा कर दिया।

बेटी की शादी के लिए जमा की थी रकम

श्री चौबे की बेटी की शादी तय हुई है। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ माह में उसकी शादी होने वाली है। इसके लिए रिटायरमेंट की राशि को जोड़कर रखा था। इतनी बड़ी रकम जाने के बाद अब श्री चौबे को अपनी बेटी की शादी की चिंता सताने लगी है।

आरबीआई में रिश्वत नाम पर भी ली राशि

शिकायत में कहा गया है कि ठग गिरोह लगातार उन्हें फोन पर झांसा देते रहे और अपनी बातों में उलझाने का प्रयास करते रहे। बोनस की राशि 50 लाख रुपए देने के लिए उन्होंने फर्जी आरबीआई अफसर बनकर भी कॉल किया। फिर बाद में आरबीआई अफसरों को घूस देने के लिए कथित आरबीआई अफसर आशीष सिंह ने सुमन सिंह के खाते में रकम जमा करा लिए।

ठगी का नया तरीका, फंस रहे लोग

आमतौर पर ठग गिरोह फर्जी बैंक अफसर बनकर एटीएम ब्लॉक होने का झांसा देकर ठगी करते रहे हैं। एटीएम बंद होने का डर दिखाकर गिरोह के सदस्य उसे चालू करने गोपनीय कोड के साथ ही ओटीपी नंबर हासिल कर लेते हैं और संबंधितों के बैंक खातों से ऑनलाइन रकम निकाल लेते हैं। इसी तरह फाइनेंस कंपनी के अफसर बनकर व अन्य तरीकों से भी मोबाइल के जरिए ठगी का खेल चल रहा है।

लेकिन, इस बार ठग गिरोह ने बीमा पॉलिसी का बोनस दिलाने के नाम पर ठगी का नया तरीका इजाद किया है। ठग गिरोह के इस तरह से लगातार सक्रिय होने के मामले सामने आ रहे हैं। फिर भी पढ़े-लिखे व शिक्षित वर्ग के लोग ऐसे गिरोह के झांसे में फंस जा रहे हैं। जबकि, मोबाइल से कॉल आने व गोपनीय जानकारी मांगने या रकम जमा कराने वाले सभी लोग ठग गिरोह से संबंधित ही रहते हैं। फिर भी लोग लालच में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

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