मध्य प्रदेश विशेष खबरे

अब डिप्टी कलेक्टर भी संविदा पर

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भोपाल | शिवराज सरकार को मौजूदा अफसरों की बजाय रिटायर्ड अफसरों पर ज्यादा भरोसा है। उसका मानना है कि ये अफसर ज्यादा भरोसेमंद और अनुभवी होते हैं। इसलिए सरकार को भी रिटायर्ड अफसरों की सेवाएं लेने में कतई संकोच नहीं है। हाल ही में सरकार ने रिटायर्ड हुए आईएएस एसके मिश्रा को संविदा नियुक्ति दी है। 30 सितंबर को उनका कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके लिए सरकार ने बकायदा कैबिनेट में प्रस्ताव लाया गया। इसके बाद ही मिश्रा को संविदा नियुक्ति दी गई। इसके साथ ही अब रिटायर्ड आईएएस की संविदा नियुक्ति के भी रास्ते खुल गए हैं। इधर,आईएएस के बाद अब सरकार डिप्टी कलेक्टर के खाली पदों पर संविदा अफसरों को बैठाने जा रही है। इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्तर पर फैसला हो सकता है। वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख और सहायक भू-अभिलेख अधिकारियों के रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति जल्द ही होगी। इसके लिए प्रदेशभर से करीब 235 सेवानिवृत्त अफसरों ने आवेदन किए हैं।

बताया जा रहा है कि डिप्टी कलेक्टर राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस समय इनके करीब 90 पद खाली हैं। इसकी वजह से राजस्व मामलों के निराकरण में वो गति नहीं मिल पा रही है, जिसकी अपेक्षा मुख्यमंत्री कर रहे हैं। इसके मद्देनजर राजस्व विभाग ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख और सहायक भू-अभिलेख अधिकारियों के रिक्त पदों को संविदा के माध्यम से भरने के साथ डिप्टी कलेक्टर पद के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया है। बताया जा रहा है कि विभाग संभागीय स्तर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों को नियुक्ति देने जा रहा है। इसके लिए सूचियां तैयार हो चुकी हैं। दस साल का सेवा रिकॉर्ड देखने के बाद अंतिम फैसला होगा। बताया जा रहा है कि संविदा पर तहसीलदार बनने के लिए कुछ सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टरों ने भी आवेदन किए हैं। पदक्रम के हिसाब से देखा जाए तो डिप्टी कलेक्टर का पद तहसीलदार से ऊपर होता है। यही वजह है कि विभाग डिप्टी कलेक्टरों को इसमें लेने से हिचकिचा रहा है।

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